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अगर किसी टी-शर्ट पर लिखा हो कि यह आपको पतला कर देगी तो आप इसे खरीद लेते हैं। इसमें आपकी गलती नहीं है वजन कम करने को लेकर लोगों में इतना ऑब्सेशन है कि लोगों को आसानी से बेवकूफ बनाया जा रहा है। आज हर कोई अच्छा दिखने के लिए परेशान है और कोई भी पतले होने या सुंदर होने की सलाह दे तो इसे सुना भी जाता है। इसका नतीजा यह है कि इस प्रक्रिया में हम अपनी हेल्थ को नुकसान पहुंचाते जा रहे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण है डाइजेस्टिव बिस्किट्स।

यह बिस्किट्स इसीलिए बनाए गए थे कि कुछ डॉक्टर्स अपने कब्ज से और डाइजेस्टिव सिस्टम से परेशान मरीजों को ये खिलाना चाहते थे। आजकल ये बिस्किट्स हेल्थी स्नैक्स के रूप में खाए जा रहे हैं। ऑफिस की डेस्क पर भी ये आसानी से देखे जा सकते हैं और लोग इन्हें चाय के साथ खाते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि हम बदले में हिडेन शुगर्स, फैट, सोडियम और रिफाइंड आटा भी कन्ज्यूम कर रहे हैं।

जैसा कि माना जाता है उसके उलट डाइजेस्टिव बिस्किट्स उतने भी हेल्थी नहीं होते जितना कि लोग समझते हैं। इससे आपकी भूख भले ही शांत हो जाए और आपको यह लगे कि आपने कुछ हेल्थी खाया है लेकिन आप छिपे रूप से प्रोसेस्ड फूड ले रहे हैं। यहां कुछ वजहें हैं जिनके चलते आपको डाइजेस्टिव बिस्किट्स नहीं खाने चाहिए।

डाइजेस्टिव बिस्किट्स में रिफाइन्ड आटा, शुगर, फैट्स और सोडियम पाए जाते हैं। ये सारी चीजें आप चाय के साथ खा जाते हैं। अगर पैकेट में लिखा है कि इसमें फाइबर, प्रोटीन और मिनरल्स वगैरह हैं तो लेबस को एक बार फिर से पढ़ें और सर्च करें कि ग्रीम में लिखी चीजों का क्या मतलब है। ये टेस्ट बढ़ाने के लिए होते हैं और आपको इन बिस्किट्स का अडिक्टेड बना देते हैं।

डाइजेस्टिव बिस्किट्स में कम से कम 50 कैलरीज होती है। ये कैलरी ऐसी भी नहीं जो आपका वजन कम करने में मदद करे। ये अनहेल्थी कैलरीज हैं जो आपका वजन बढ़ाती हैं।

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