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हाथरस : नवरात्रा के पांचवें दिने माता स्कंदमाता की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। जिसमें माता स्कंदमाता की गोद में उनके पुत्र कर्तिकेय विराजमान होते है, नवरात्रि के पांचवें दिन इन्ही की पूजा होती है।
पका केला देवी को बहुत प्रिय माना जाता है, इसलिये एक दिन अपनी मनोकामना के साथ केले का प्रसाद चढाये और गरीबों को बांटे।
इससे आपको मनोवांछित पफल मिलेगें, साथ ही रोग शोक भी दूर
होगें। वही रमनपुर स्थित चामुण्डा देवी मन्दिर पर शहर में शांति के
लिये महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बड़े बड़े बुद्विमान द्वारा हवन में आहुति दी जा रही है। महायज्ञ 13 मार्च तक होगा उसके उपरान्त 108 दीपकों की महाआरती की जायेगी।
नवरात्रा के पांच वे दिन देवी मन्दिरों के साथ घर-घर पूजा-अर्चना की गई। देवी मन्दिरों में श्रद्वालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह जलाभिषेक के लिये तो शाम को दर्शन के लिये भक्त
देवी मन्दिरों में उमड़ते रहे। भक्तों ने मइया की घी धूप से
आरती उतारकर मनोरथ पूर्ण होने की कामना की। माता स्कंदमाता की पूजा के लिये शहर के प्रमुख देवी मन्दिरों सुबह ही भक्तों की
भीड़ नजर आने लगी। तड़के से ही मन्दिरों में अम्बे भक्तों की
लम्बी कतार लग गई। कोई महामाई के दरबार में हाथ में दीपक ले आरती कर रहा था तो कही जलाभिषेक के लिये इंतजार हो रहा था।


नवरात्रा के पांच वे दिन पथवारी मन्दिर, चामड़ माता मन्दिर, प्राचीन बौहरे वाली देवी मन्दिर, चामुण्डा देवी, शीतला मन्दिर, शामा माता मन्दिर, हाथुरसी देवी मन्दिर बत्तारी देवी कोटा मन्दिर, तारा गढ वाली देवी, कंकाली देवी मन्दिर, में खूब श्रद्वा का सैलाब उमड़ा मन्दिरों में सुबह से ही माता के जयकारों से गूजते रहे। देवी मन्दिरों में शाम को भजन कीर्तन का दौर शुरू इसके बाद प्रसाद वितरण भी किया गया।
शाम को भी भक्तों ने घी, ध्ूप से मइया की आरती उतारकर मनौती
मांगी। शाम होते ही मन्दिरों पर रंग बिरंगी लाइटों से सजे हुये नजर आये।

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