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साढ (घाटमपुर) : विकासखंड भीतर गांव के बिरहर गांव में मां भद्रकाली के नाम से प्रसिद्ध मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र बना रहा है लोगों का मानना है कि जो मां भद्रकाली के दरबार में आता है वह खाली हाथ नहीं जाता है , यही कारण है कि आज से 4 से 5 वर्ष पहले मंदिर ऐसे ही था और जैसे ही मंदिर के संरक्षक, ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु स्वरूप अवस्थी ने अपने हाथों में बागडोर संभाली, तब से मंदिर की कायाकल्प हो गया और आज दूर दूर से लोग मां भद्रकाली के दर्शन के लिए यहाँआते हैं और यहाँ आज हर तरीके के धार्मिक कार्यक्रम जैसे भागवत कथा अखंड रामायण आदि अनेक प्रकार के धार्मिक कार्य होते रहते है l वहीं मंदिर के पुजारी पवन दीक्षित ने बताया कि मां भद्रकाली का मंदिर लगभग 500 वर्ष पुराना है, यहां पर हर वर्ष भाद्रपद मास में विशाल मेले का आयोजन होता है, जोकि लगभग 15 दिन तक चलता है l मार्गशीर्ष माह में प्रतिवर्ष महायज्ञ एवं भागवत पुराण का आयोजन भी होता है एवं विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है l इस लिए आज यह मंदिर एक बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर बन चुका है ,लोगों का कहना है कि जो भक्त सच्चे मन से मां भद्रकाली से मांगता है, उसकी इच्छा जरूर पूरी होती हैl इसी मंदिर के प्रांगण में हनुमान जी की  बहुत ही विशाल प्रतिमा भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है । 

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