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TV30 INDIA ( रिपोर्ट – राजदीप तोमर ):राजनीती और धर्म को अलग अलग रखने की लाख दुहाई जमाने भर में नेता देते दिखाई देते है।  पर आज एक ही समाज के बीच भाजपा और बसपा के बीच हुआ युद्ध जनता देख हस्तप्रभ रह गयी। हाथरस नगर मंे प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी नव संवत के अवसर पर परशुराम की शोभायात्रा निकाली गयी पर ये दो भागों में बट कर रह गयी, शोभायात्रा को निलाने पर रूटों को ले कर हंगामा भी हो गया पुलिस से धक्का मुक्की को देख मेले में बड़ी संख्या में पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा बलों को लगाना पड़ गया।
 हाथरस नगर में ब्राहमण समाज प्राति वर्ष नवसंवत के अवसर पर श्री परशुराम जी की शोभायात्रा निकाली जाती रही है, जिसका शुभारंभ अक्सर बसपा के कद्दावर नेता पूर्व ऊर्जामन्त्री रामवीर उपाध्याय करते आ रहे थे, इस बार भाजपा के नेता ललित शर्मा को इसका अवसर मिला तो यह बात पूर्व ऊर्जा मन्त्री समर्थकों को हजम नही हुई, उन्होने परशुराम के अलग से मेला निकालने का ऐलान कर मेला निकाला। वंही ब्राहमण समाज द्वारा प्रति वर्ष निकलने वाला मेला भी अपने पुराने तय रास्ते से निकाला जा रहा था, उसी रास्ते पर पूर्व ऊर्जामन्त्री समर्थकों की झांकिया आयी जिन्हे रोका गया तो दोनों के बीच विवाद हो गया इस बीच सुरक्षा में लगी पुलिस से भी अच्ची खासी धक्का मुक्की हो गयी। मामले को बिगड़ता देख आला अधिकारियों ने सुरक्षा के लिये बड़ी संख्या मंे पुलिस बल के साथ आर.आर.एफ, पी.एस.सी आदि सुरक्षा बलों को लगा दिया। हाथरस नगर पलिका में कई सालों से ब्राहमण समाज द्वारा परशुाम जी का मेला निकाला जाता रहा है, लोगों का कहना है हाथरस के इतिहास में पहली बार ब्राहमण देव माने जाने वाले परशुराम जी की दो शोभा यात्रा निकाली गयी। हाथरस की आम जनता में दो शोभायात्रा भी चर्चा का विषय बन गयी है, लोगों का कहना है कि भाजपाा और बसपा ने इस शोभा यात्रा को अपनी नाक का सवाल बना लिया है। एक ओर बसपा के कद्दाबर नेता व पूर्व ऊर्जामन्त्री रामवीर उपाध्याय है, तो दसरी ओर नगर पालिका अध्यक्ष आशीश शर्मा, ब्राहमण समाज द्वार निकाले जाने वाले परशुराम मेला अध्यक्ष । दोनों ओर से दिख रहे तेबर से लगता है आने वाले समय में हाथरस राजनीती में धर्मयुद्ध का एक मैदान बन जायेगा। हालकी इस मामले में दोनों पक्ष कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचते हुये सिर्फ मेला निकलने की बात कह रहे हैं।