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गोवर्धन। नंदनी गौशाला पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन व्यास हरिदास सोमदत्त दीक्षित जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने सात वर्ष की आयु में सात दिन-सात रात तक ब्रजवासियों की रक्षा के लिए अपनी कन्नी उंगली पर सांत कोस लंबे गिरिराज पर्वत को धारण किया। इन्द्र के अभियान को दूर करने के लिए ठाकुर जी ने ब्रजवासियों के संग लीला रचाई। मनुष्य को अभिमान नहीं करना चाहिए। अभिमान ही मनुष्य के पतन की निशानी है। ब्रजवासी सब भोग लगा रहे हैं और ठाकुर जी मांग-मांग कर व्यंजन परोस रहे हैं। इस अवसर पर रास बिहारी ठाकुर जी को छप्पन भोग लगाये गये। इस अवसर संत कन्हैया बाबा, सुंदर धाम के महंत नारायण दास महाराज, ब्रजभूषण गोस्वामी बरसाने वाले, चंदन लाल, देशबंधु गुप्ता, खेतान जी, राजू गुप्ता, संजय गुप्ता, अजीत गुप्ता, पायल गुप्ता, रूक्मिणी दीक्षित, भारत उपाध्याय, चेयरमैन प्रतिनिधि नंदकिशोर शर्मा, किशनो पहलवान आदि थे।

INPUT – आशु कौशिक

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