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महोत्सव में महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा व शामिल भक्तगण होली के उल्लास में डूबे श्रद्धालु
गिरिराज नगरी में होली की मस्ती राधाकुंड परिक्रमा मार्ग के श्रीराधा दामोदर सेवाश्रम में खेली होली ।

गोवर्धन। उड़ता रंग-गुलाल। हर कोई रंग में सराबोर। होली की मस्ती और होली के गीतों पर झूमते श्रद्धालु। फिर एक दूसरे से जमकर खेली होली। किसी के हाथ में गुलाल तो किसी के हाथ अबीर। यहां रंग बरसा तो फूल भी खूब बरसाये गये। देशी ही नहीं बल्कि विदेशी भक्तों ने श्रीकृष्ण प्रेम में पगी होली का आनंद लिया। मौका था राधाकुंड परिक्रमा मार्ग में श्रीराधा दामोदर सेवाश्रम में होली महोत्सव के आयोजन का। यहां जन्म महोत्सव के उपलक्ष्य में महामंडलेश्वर संत डाॅ. सांवरिया बाबा के निर्देशन में भक्तों ने होली का आनंद लिया। होली महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ब्रज की प्राचीन संस्कृति परिलक्षित हो उठी। महोत्सव का शुभारंभ महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा ने ठाकुर जी श्यामा-श्याम बिहारी को गुलाल लगाकर किया। इसके बाद प्रसादी गुलाल से ढोल-नगाड़े और ब्रज के रसियाओं के बीच एक दूसरे को प्रेम गुलाल लगाकर होली खेली गई। होली की प्राकृतिक अनुपम छटा के बीच गुलाल, चमेली, गेंदा आदि के फूलांें की रंग-बिरंगी पंखुड़ियों ने समां बांध दिया। महामंडलेश्वर संत डाॅ. सांवरिया बाबा ने बताया कि ब्रज के कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं समाहित हैं। इन्हीं लीलाओं का साक्षी होली उत्सव है। प्रत्येक वर्ष मार्च में होली का उत्सव मनाया जाता है। वहीं माॅरीसस से आये नवीन अनूप ने बताया कि ब्रज की होली का आनंद अलग ही है। इस अवसर पर कविता, अर्जेटींना से राधा, यशोदा, आॅस्ट्रेलिया से कृष्णा दासी, संजय कृष्ण, सुनील अग्रवाल, रमेश चंद, रोहन सिंह, सुशील अग्रवाल, भागीरथ सैनी आदि थे।

INPUT – Ashu kaushik

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