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लखनऊ
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पीजीआई  इलाके के वृन्दावन योजना में रहने वाली नवविवाहिता ने महज इस लिए जान दे दी क्योंकि उसके पति के पास उसे शॉपिंग करवाने का समय नहीं था। वहीं, मौत की सूचना मिलते ही मृतका का भाई सदमे में चला गया। वह सुबह से शाम तक मृतका के पास ही बैठा रहा और पोस्टमॉर्टम करवाने के लिए भी मना करने लगा। पुलिस व परिवारीजनों के काफी समझाने के बाद वह माना तब जाकर पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

इटावा की रहने वाली 23 वर्षीय दीपिका का वृन्दावन के केवी सिटी मे रहने वाले सचिवालय के शिक्षा विभाग कर्मी दीपक द्विवेदी से बीते 17 जनवरी, 2017 को विवाह हुआ था। घर में दीपक के साथ उसके पिता राजकिशोर, मां मंजू व भाई विवेक रहते हैं। दीपक ने बताया कि दीपिका जिद्दी थी और बात-बात पर नाराज होकर बातचीत करना बंद कर देती थी। अक्सर वह नाराज होकर कमरे का दरवाजा बंद कर सो जाती थी।

अगले माह दीपिका के ममेरे भाई की शादी है, जिसके लिए वह तैयारिंया कर रही थी। वह लहंगा खरीदने की जिद पर अड़ी थी। शनिवार को मैसेज किया था कि उसे आज शापिंग करने जाना है। इसपर दीपक ने रविवार को चलने को कहा। बस इसी बात से नाराज होकर दीपिका ने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। रात में जब दीपक आया तो दरवाजा नही खोला। जब सुबह भी नही खुला तो दीपक ने दरवाजा तोड़ा और देखा कि दीपिका पंखे के हुक से डुपटटे का फंदा डालकर लटकी थी।

दीपक ने तुरन्त इसकी सूचना पुलिस व दीपिका के मायके वालों को दी। सूचना मिलते ही दीपिका का भाई सौरभ पंहुचा और मामले की गंभीरता देखते हुए पीजीआई इंस्पेक्टर अरूण कुमार राय, सीओ कैन्ट तनू उपाध्याय, नायब तहसीलदार सरोजनीनगर आरआर रमन भी पहुंचे। पुलिस ने फरेंसिक टीम बुलाकर दीपिका के शव का पंचनामा करा पीएम के लिए भेज दिया। मायके वालों ने दीपिका के ससुराल वालों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की हैं।

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