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गोवर्धन के गांव महमदपुर में सीढ़ियों पर मिली मासूम बालिका का स्वास्थ्य परीक्षण करते चिकित्सक
गोवर्धन में निर्दयी मां का चेहरा सामने आया  मंदिर के बाहर सीढ़ियों पर छोड़ गई मासूम बालिका को निर्दयी मां ने जन्म के पांच घंटे बाद ही बच्ची को फेंक दिया ।

गोवर्धन। कहते हैं माता कुमाता नहीं होती है। लेकिन यहां ऐसा हुआ है जो कि चंद घंटों में जन्म के बाद निर्दयी मां मासूम बालिका को खुले आसमान के नीचे मंदिर की सीढ़ियों पर छोड़ गई। उस मासूम ने भी नहीं सोचा होगा कि उसकी मां ऐसी निकलेगी। लेकिन भगवान सबका है। जाको राखै सांइयां मार सके न कोय। उस मासूम के लिए वह युवक भगवान बनकर आये और गोदी में उठा लिया। वह बच्ची पांच घंटे तक आवारा जानवरों से भगवान की कृपा से ही बच सकी। सुबह 4 बजे दौड़ लगाने आये युवकों की नजर उस मासूम पड़ गई और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्ची को अस्पताल पहुंचा दिया। लेकिन जिस मां ने ऐसा दुस्साहस किया वह जल्दी ही पकड़ी गई और मां उसे लेने मना करने लगी है। यह माजरा सूरसाधना स्थली ग्राम पारासौली का है। रविवार की सुबह दौड़ लगाने युवा ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष दीपक कौशिक उर्फ मोंनू पंडित व उनके साथी विनोद कौशिक ने  देखा कि मंदिर की सीढ़ियों पर बच्चे की रोने की आवाज आ रही है, पास जाकर देखा तो कपड़े में लिपटी बुरी तरह बालिका रो रही है। उन्होंने पुलिस को सूचना दी और बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गये। बच्ची के पहुंचते ही स्टाफ ने पहिचान लिया कि रात्रि में एक महिला की डिलेवरी हुई है उसी की बच्ची है। इस पर प्रभारी निरीक्षक लौकेश सिंह भाटी ने तत्परता दिखाते हुए मासूम बच्ची की मां सपना को उसके मायके पैंठा से पकड़ लिया। पुलिस मां को अस्पताल लेकर आ गई। लेकिन निर्दयी मां ने बच्ची को लेने से इनकार कर दिया। बताया गया कि उसकी मां सपना व मायके वाले अस्पतालकर्मियों को गुमराह कर भाग गये। मासूम बालिका की मां पति से झगड़े के बाद कई वर्ष से मायके पैंठा में ही रह रही थी। सपना की मां गुड्डी ने बताया कि करीब 11 साल पूर्व पहलवारिया के नगला में सुल्तान सिंह के साथ हुई थी। इसके बाद झगड़ा होने के बाद लेने नहीं आया। इसके देवर का घर में आना-जाना था। बेटी के गर्भवती होने के बाद इसकी डिलेवरी कराई। लड़की को बाहर रखने के लिए मना किया था। डाॅ. रूपेन्द्र सिंह, चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी गोवर्धन ने बताया कि सीढ़ियों पर मिली बच्ची स्वस्थ है। कुछ घंटे के जन्म के बाद ही मासूम को खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया गया। अब उसका स्वास्थ्य परीक्षण करके प्रक्रिया के तहत जिला अस्पताल भिजवा दिया है। आगे कानूनी प्रक्रिया के लिए लिखा है। मां उसे लेने से इनकार कर रही है। मां ने गलत किया है।

INPUT – आशु कौशिक