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लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने और बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तैनात की गई 108 की चौबीस घंटे की सेवा सही ढंग से काम नहीं कर रही है। जिले में कई स्थानों में 108 एंबुलेंस टायर नहीं होने या फिर तकनीकी खराबी के कारण खड़ी हैं और खुशियों की सवारी से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की सुविधा देने के लिए अल्मोड़ा नगर के अलावा धौलादेवी, सेराघाट, ताकुला, सोमेश्वर, रानीखेत, भिकियासैंण, स्याल्दे, सल्ट, द्वाराहाट, चौखुटिया और लमगड़ा में 108 एंबुलेंस तैनात की गई थी, लेकिन अधिकांश एंबुलेंस टायर और अन्य तकनीकी खराबी के कारण ठप  हैं। सोमेश्वर में तैनात 108 एंबुलेंस टायरों की दिक्कत के कारण पिछले दो माह से काम नहीं कर रही है। वहीं ताकुला में तैनात एंबुलेंस नाइट शिफ्ट में ही चल रही है।

बताया जा रहा कि कर्मचारी नहीं होने से यह दिक्कत आ रही है, जबकि धौलादेवी में भी 108 वाहन खड़ा होने की शिकायत है। यही नहीं 108 वाहनों को तेल भी समय पर नहीं मिल रहा है जिससे निश्चित समय पर वाहन गंतव्य को रवाना नहीं हो पा रहे हैं। इन सभी कारणों के कारण कई जगहों पर मरीजों को खुशियों की सवारी से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। इधर 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों को पिछले चार माह से वेतन भी नहीं मिला है। जिले में 108 के 56 और खुशियों की सवारी में 11 कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर तैनात हैं। अक्तूबर से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति भी खराब है। इधर 108 सेवा के जिला प्रभारी सुरजन सिंह का कहना है कि कुछ एक जगह वाहन नहीं चलने की शिकायत है। टायर पंक्चर होने या ब्रेक डाउन होने की वजह से कभी-कभी खुशियों की सवारी में मरीजों को लाना पड़ रहा है। कर्मचारियों के वेतन और 108 वाहन संबंधी सभी दिक्कतों को लेकर देहरादून में संपर्क किया गया है।

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