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श्रावस्ती: एक तरफ प्रदेश सरकार गरीबो को आवास, शौचालय देने का काम कर रही है तो वहॉ दूसरी तरफ गरीब परिवार प्रधान द्वारा ठगा जा रहा है जिसका न्याय करने के लिए शासन प्रशासन सब फेल दिखाई पड़ रहा है। पूरा मामला श्रावस्ती जिले के विकास खण्ड हरिहरपुररानी थाना मल्हीपुर अन्तर्गत लक्ष्मनपुर कोठी का है। लक्ष्मनपुर कोठी निवासी रामनरायन ने प्रधान प्रतिनिधि पर 50 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया था जिसके लिए पीड़ित राम नारायन ने डाक के जरिये अनुसूचित जाति अध्यक्ष लखनऊ,मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, मानवाधिकार, पुलिस अधीक्षक श्रावस्ती को प्रार्थना पत्र भेजा गया जिसपर कार्यवाही न होने पर 10 मई को पुनः ज्ञापन श्रावस्ती जिलाधिकारो को देकर चेतावनी दी थी कि यदि 20 मई तक कार्यवाही नही हुई तो जिलाधिकारी श्रावस्ती कार्यालय के सामने आत्महत्या कर लूंगा। ज्ञापन देने के बाद भी कार्यवाही न होते देख पीड़ित जब 20मई को जिलाधिकारी श्रावस्ती कार्यालय पर अपनी पत्नी बच्चे सहित आत्महत्या करने जा रहा था तभी सूचना मिलते ही थाना मल्हीपुर पुलिस ने उसे कोकल गांव के पास से मिट्टी तेल की पिपिया सहित ले आई। जानकारी लेने पर थानाध्यक्ष ने बताया कि नारायन के खिलाफ आत्महत्या का मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया।

रिपोर्ट : प्रदीप गुप्ता