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अगर भारत के बाद कहीं और सबसे ज्‍यादा भव्‍यता से दिवाली मनाई जाती है, तो वह सिंगापुर है। यहां दिवाली की सजावट, रंगोलियां और जश्‍न देखते ही बनते हैं। सिंगापुर में लिटिल इंडिया वाली दिवाली बेहद शानदार होती है।

आप जानते ही होंगे, कि बड़ी संख्या में पंजाबियों के वहां बसने के कारण कनाडा को अनौपचारिक रूप से ‘मिनी पंजाब’ कहा जाता है।इतना ही नहीं, कनाडाई संसद में पंजाबी तीसरी आधिकारिक भाषा है।इसके बाद ये बताने की कतई जरूरत नहीं रहती कि क्‍यों दिवाली कनाडा में धूमधाम से मनाई जाती है।

आपको बता दे,श्रीलंका में भी एक बड़ी आबादी हिंदू है और इस कारण दिवाली यहां भी बहुत धूमधाम से मनाई जाती है। दिवाली के पीछे की कहानी के तार श्रीलंका से भी जुड़े हैं, इस कारण भी श्रीलंका में इसे त्‍योहार की तरह ही मनाया जाता है।

यहा दिवाली को नेपाल में तिहाड़ के रूप में जाना जाता है और यहां भारत जैसे ही उत्साह के साथ यहां भी दिवाली मनाई जाती है। चूंकि नेपाल भारत के साथ अपनी सीमा साझा करता है, इसलिए यह सामान्‍य बात है कि भारत जैसा ही माहौल दिवाली में नेपाल में भी रहता है।घरों को सजाने, एक दूसरे को गिफ्ट देने और देवी लक्ष्मी की पूजा करने की प्रथा नेपाल में भी भारत जैसी ही है।दशाली के बाद नेपाल में दिवाली दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है।

आपको बता दे, कि मॉरीशस की 50 प्रतिशत आबादी हिंदू है। दिवाली यहां बहुत गर्मजोशी से मनाई जाती है और इस दिन सार्वजनिक अवकाश भी रहता है।

मलेशिया में दिवाली को हरी दिवाली कहा जाता है और सभी अनुष्ठान भारत के तरीके से अलग होते हैं। दिन की शुरुआत लोग तेल से स्नान करते हैं और फिर विभिन्न मंदिरों में पूजा करते हैं।चूंकि मलेशिया में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध है, इसलिए वे उपहार, मिठाई और शुभकामनाएं आपस में बांटकर जश्न मनाते हैं।
इंडोनेशिया मे भले ही इंडोनेशिया में इतनी बड़ी भारतीय आबादी नहीं है, फिर भी यहां दिवाली एक बड़ा त्‍योहार है।भारत में दिवाली पर किए जाने वाले लगभग सभी अनुष्ठानों का पालन इंडोनेशिया में भी किया जाता है।
फिजी में विशाल भारतीय आबादी होने के कारण दिवाली यहाँ बहुत धूमधाम से मनाई जाती हैं। दिवाली के दिन वहां सार्वजनिक अवकाश भी रहता है । और लोग बड़े पैमाने पर एक दूसरे को गिफ्ट देते हैं। और पार्टियां करते हैं। दिवाली के दिन सभी स्कूल और कॉलेज भी बंद रहते हैं।

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