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अतरौली : घंटाघर स्थित सुभाष चौक पर लगी उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मनाई गई इस अवसर पर सपा नेता फरहत चौहान ने कहा नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक उग्र राष्ट्रवादी नेता थे, जिनकी उद्दंड देशभक्ति ने उन्हें भारतीय इतिहास के सबसे महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक बना दिया। नेता जी एक क्रांतिकारी नेता थे और वो किसी भी कीमत पर अंग्रेजों से किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करना चाहते थे। उनका एक मात्र लक्ष्य था कि भारत को आजाद कराया जाए। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष मोहम्मद रहीस खान ने कहा सुभाष चंद्र बोस, विवेकानंद की शिक्षाओं से अत्यधिक प्रभावित थे और उन्हें अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे, जबकि चित्तरंजन दास उनके राजनीतिक गुरु थे। वर्ष 1921 में बोस ने चित्तरंजन दास की स्वराज पार्टी द्वारा प्रकाशित समाचार पत्र ‘फॉरवर्ड’ के संपादन का कार्यभार संभाला। इस अवसर पर हाफिज अब्दुल सलाम इस्तकार कुरैशी आसिफ कुरेशी जीशान खान इस्लाम खां राहुल चौधरी आकाश कुमार विनय मोइन खान दीपक चौधरी आदि मौजूद रहे ।

इनपुट :- मदनपाल

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