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हिंदू धर्म में भाई दूज का विशेष महत्व होता है। यह भाई-बहन के बीच स्नेह के बंधन को मजबूत करता है। जिस प्रकार दीपावली पर भाई को सभी प्रकार की मुसीबतों से बचाने के लिए तिलक लगाया जाता है ठीक उसी प्रकार से होली दूज पर भी भाई की लंबी उम्र के लिए तिलक किया जाता है तो वही भाई भी अपनी बहनों को उपहार देकर उन्हें खुश करते हैं होली भाई दूज का त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है। भाई दूज को भ्रातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। कुछ क्षेत्रों में होली भाई दूज काफी लोकप्रिय है, लेकिन यह त्योहार ज्यादा प्रसिद्ध नहीं है। इस साल होली भाई दूज 30 मार्च 2021को है

इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर और उपहार देकर उसकी लंबी आयु की कामना करती हैं, बदले में भाई अपनी बहन कि रक्षा का वचन देता है। रक्षा बंधन पर बहनें अपने भाई को राखी बांधती हैं जबकि भाई दूज पर सिर्फ तिलक लगाने की परंपरा प्रचलित है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार भाई दूज की कथा भगवान सूर्य देव की पत्नी संज्ञा की दो संतानें थींं। बेटा यमराज और बेटी यमुना। दोनों भाई बहन में बहुत प्रेम था। यमुना हर वर्ष अपने भाई यमराज से मिलने उनके घर जाती थीं। उनका कुशलक्षेम पूछती थीं। यमराज को वो अपने घर बुलाती थीं। लेकिन किन्हीं कारणों से वे नहीं जा पाते थे। एक बार यमराज बिना बताए कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को अपनी बहन यमुना के घर पहुंचे।
भाई को देखकर यमुना बेहद खुश हुईं। उन्होंने तिलक लगाकर उनका स्वागत किया। स्वादिष्ट भोजन कराए। यमराज ने भी यमुना को कई उपहार दिए। जब वे अपनी बहन के घर से चलने लगे तो प्रेमवश उन्होंने बहन से कोई एक वरदान मांगने को कहा। तब यमुना ने उनसे कहा कि आप हर वर्ष इस तिथि का मेरे घर आएंगे और भोजन करेंगे। इसी तर​ह जो भाई इस तिथि को अपनी बहन के घर जाएगा, तिलक लगवाएगा और भोजन करेगा। अपनी बहन को उपहार देगा, आप उसकी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करेंगे। इसके साथ ही आपका उसे कोई डर नहीं रहेगा। यमराज अपनी बहन से बहुत प्रेम करते थे। उन्होंने बहन को वो वरदान दे दिया। इसके बाद से हर वर्ष भाई दूज का पर्व मनाया जाने लगा।

होली भाई दूज शुभ मुहूर्त-

द्वितीया तिथि प्रारम्भ – मार्च 29, 2021 को 08:54 PM बजे
द्वितीया तिथि समाप्त – मार्च 30, 2021 को 05:27 PM बजे

इनपुट : सपना सक्सेना