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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में उर्दू के छात्र इमरान हुसैन ने पैगंबर मोहम्मद साहब की स्तुति संस्कृत में की है. उनके द्वारा पैगंबर मोहम्मद साहब को याद करते हुए संस्कृत में पढ़ा गया नात सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसे पसंद किया जा रहा है. यह वीडियो एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा है. इमरान हुसैन बचपन से ही ब्लाइंड है और उन्होंने कभी संस्कृत की शिक्षा नहीं ली. लेकिन उनकी इच्छा शक्ति इतनी प्रबल है कि बिना संगीत की ट्रेंनिंग लिए ही अच्छा गाते है.

उर्दू से कर रहे एमए
पीलीभीत के रहने वाले इमरान उर्दू से एमए कर रहे हैं. लेकिन संस्कृत से भी उन्हें लगाव है और इसी लगाव के चलते उन्होंने सौहार्द की मिसाल पेश की है. इमरान के कई वीडियो यूट्यूब पर है. जिसमें उन्होंने रनिंग म्यूजिक के साथ अपनी आवाज दी है. इमरान बताते हैं कि एक बार भी जो सांग सुन लेते हैं. और पसंद आता है. तो उसे मन से याद कर लेते है. यह शौक उनका बचपन से है.

मोबाइल व कम्पूटर चला लेते हैं
इमरान एसएस साउथ हास्टल के कमरा नम्बर 20 में रह रहे हैं. उनके हॉस्टल के साथी उन्हें पूरा सहयोग करते हैं. उनके रूम पार्टनर कोई भी चीज या सॉन्ग रिकॉर्ड कर के दे देते हैं. जिसे इमरान सुनते हैं और याद कर लेते हैं. एग्जाम भी ऐसे ही देते हैं. इमरान ने बताया कि एग्जाम में राइटर मिलते हैं और जो हम बोलते हैं वह लिखते हैं. हांलाकि गाना गाने की ट्रेनिंग कहीं से नहीं ली है. बचपन से ही इमरान को गाने का शौक था. इसी शौक को इमरान ने बरकरार रखा है. दृष्टिबाधित होना उनके लिए कभी बाधक नहीं रहा. वे मोबाइल और कम्प्यूटर आसानी से चला लेते है. ईश्वर ने उन्हें आंख नहीं दी. लेकिन दिमाग और आवाज से अपनी पहचान बना रहे हैं.

रविद्र जैन से मिलती है प्रेरणा
एएमयू के हॉस्टल में होने वाले संगीत कंपटीशन में प्रतिभाग कर इमरान कई बार विजेता भी बने हैं. इसके साथ देहरादून में नेशनल लेवल का अवार्ड भी सिंगिंग में पाया है. अलीगढ़ के रहने वाले रविंद्र जैन भी ब्लाइंड थे. रामायण में दिया उनका गीत-संगीत आज भी लोग याद करते है. इमरान बताते हैं कि रविन्द जैन से बहुत ज्यादा प्रेरणा मिलती है. उनके जैसे बहुत कम लोग होते हैं. जिन्होंने बहुत मेहनत की. उनका संगीत देश में छा गया और उनसे बहुत अच्छा सबक मिलता है.

संस्कृत में की पैगम्बर कीे स्तुति
इमरान ने संस्कृत कभी नहीं पढ़ी. वे बताते हैं कि एक बार उनके टीचर ने संस्कृत में रिकार्ड करके कुछ याद करने के लिए दिया था. तब वह याद नहीं कर सके थे. लेकिन अब वह संस्कृत में पैगंबर साहब की स्तुति कर रहे हैं. जो कि सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा है.

input : मोहम्मद शाहनवाज

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