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अलीगढ़ : शहर के थाना बन्नादेवी के अंतर्गत नगला कलर खेर बाईपास रॉड पर मानसी हॉस्पिटल है। उस हॉस्पिटल में कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती हुई साफ देखबे को मोली । हॉस्पिटल के गेट पर बैठे व्यक्ति के ना तो मास्क था । ना ही हॉस्पिटल में अंदर जाने वाले व्यक्ति को टेम्प्रेचर मीटर से चेक किया जा रहा था । ना ही सेनेटाइजर की व्यवस्था थी । हॉस्पिटल के संचालक अमित कुमार के द्वारा बताया गया कि हॉस्पिटल में सरकारी हॉस्पिटल से रिटायर्ड डॉक्टर मरीजो की देखभाल करते हैं। एव हॉस्पिटल के संचालक ने खुद को डी. फार्म की डिग्री होना बताया । मोके पर होस्पिरेल में डी. फार्म किये हुए अमित के सिवा कोई और डॉक्टर मौजूद नही था । अमित का कहना था । कि हॉस्पिटल में सिर्फ चोट के मरीजो को देखा जा रहा है बुखार खासी के मरीजो को हम जिला अस्पताल भेज रहे हैं। लेकिन हॉस्पिटल में नजारा कुछ और ही देखने को मिला । जब हॉस्पिटल में उपस्थित मरीजो ओर तिमार दारो से बात की गई तो सभी मरीज बुखार से पीड़ित थे । एव मरीजो ने बताया की उनका इलाज हॉस्पिटल के इंचार्ज अमित ही कर रहे हैं । इससे साफ जाहिर होता हैं कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी आंखों पर पट्टी बांधे हुए बैठे हैं।और ऐसे हॉस्पिटल के इंचार्ज को लोगो के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होते चुप चाप देख रहे हैं । पूरा विश्व एक तरफ ऐसी भयानक महामारी से झूझ रहा है। लेकिन हमारे देश मे कुछ भहरूपीए डॉक्टर की शक्ल में डॉक्टरों को असली पेशे को बदनाम करने से बाज नही आ रहे हैं।

input : मोहम्मद शाहनवाज

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