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अतरौली : देश का अन्नदाता एक बार फिर परेशान दिख रहा है अबकी बार वह अपनी गेहूं की तुलाई को लेकर परेशान हो चला है सरकार द्वारा किसानों के लिए ज्यादातर सहकारी समितियों पर कांटे लगाए गए हैं जिन पर किसान अपने गेहूं की तुलाई करा सकता है जिसके लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है 100 कुंटल गेहूं के रजिस्ट्रेशन पर लेखपाल द्वारा रजिस्ट्रेशन सत्यापित किया जाता है वहीं क्षेत्रीय सहकारी समितियां 20 कुंटल से ज्यादा किसानों के गेहूं को नहीं खरीद रहीं हैं इसके अलावा 1 से 2 महीने पुराने टोकन होने के बाद भी किसानों की गेहूं तुलाई नहीं की जाती है सैकड़ों किसान अपनी गेहूं की फसल को बेचने के लिए सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन 20 कुंटल से ज्यादा खरीद नहीं की जा रही जबकि किसानों का रजिस्ट्रेशन फसल के अनुरूप व 20 कुंतल से ज्यादा का हुआ है
दरहसल अतरौली तहसील की सहकारी समितियों पर सैकड़ो किसानों की पीड़ा लेकर निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य डॉ पुष्पेंद्र लोधी पहुंचे और किसानों की गेंहू तुलाई की समस्या के लिए समिति सचिव से मिले और किसानों की पूरी गेंहू खरीद न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दे डाली

निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य डॉ पुष्पेंद्र लोधी ने बताया सरकार की नियमावली के अनुरूप किसानों ने गेहूं की तुलाई को लेकर रजिस्ट्रेशन तो करा लिया लेकिन उनका गेहूं 20 कुंटल से ज्यादा नहीं ख़रीदा जा रहा हैं जबकि उनका रजिस्ट्रेशन 20 कुंटल गेहूं से ज्यादा का है जिसको लेखपाल द्वारा भी सत्यापित किया गया जब किसानों की फसल अधिक है तो उनका पूरा गेहूं खरीदा क्यों नहीं जा रहा जिस किसान पर जितना गेहूं है उसकी पूरी खरीद क्यों नहीं हो रहीं हैं टोकन मिलने के बाद भी किसान गेहूं तुलाई को लेकर चक्कर काट रहा है लेकिन फिर भी 20 कुंटल से ज्यादा सहकारी समिति तुलाई नहीं कर रही अगर किसानों की पूरी तुलाई नहीं की गई तो हम किसानों के साथ धरना प्रदर्शन करेंगे और किसानों की पूरी तुलाई करवा कर ही दम लेंगे इसके लिए हमें किसी भी हद तक जाना पड़े

सहकारी समिति सचिव हाकिम सिंह ने बताया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा लिमिट के संबंध में एक संदेश प्राप्त हुआ है जिसमें कहा गया है कि शासन द्वारा लिमिट फिक्स की गई है मशीन भी इससे ज्यादा नहीं लेगी और ना ही पोर्टल के आधार पर इससे ज्यादा गेहूं का भुगतान होगा
बारिश के चलते किसानों की तुलाई देरी से हुई क्योंकि तीन-चार दिन से लगातार बारिश हो रही थी लेकिन अब तुलाई लगातार जारी है
वही किसानों का आरोप है कि अगर समितियां 20 कुंटल से ज्यादा गेहूं खरीद नहीं करेंगी तो किसान बचे हुए गेहूं को कहां लेकर जाएगा क्योंकि मंडियां उन्हें अपने मनमाने दामों पर खरीदेंगे जिससे किसानों को भारी नुकसान होगा किसानों ने मांग की है कि जिस जिस किसानों के पास जितना गेहूं है उसकी पूरी खरीद की जाए अन्यथा किसानों की नाराजगी सरकार के प्रति लाजिमी होगी/

INPUT : moh sahenwaj

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