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धन होने के बावजूद निर्माणाधीन विकास कार्यो को समय से न पूरा कराना सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों/कार्यदायी संस्थाओं को अब महंगा पडेगा। लम्बित निर्माणाधीन विकास कार्यो की सूची बद्ध कर सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों/कार्यदायी सस्थाओं के खिलाफ कार्यवाही के साथ ही शासन को भी पत्र प्रेषित किया जायगा।

उक्त निर्देश कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यो की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने दिया है। बैठक में श्रम प्रवर्तन अधिकारी के नदारद होने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए जवाब तलब का निर्देश दिया।

उन्होने जोर देते हुए कहा कि निर्माणाधीन विकास कार्यो को धीमी गति से करने तथा सम्बन्धित विभागों/कार्यदायी संस्थाओं द्वारा हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहने के कारण निर्माणाधीन विकास कार्यो के लागत में भी वृद्धि होने की प्रबल संभावना रहती है। इसलिए अब हीला हवाली बर्दाश्त नही होगी, समय से विभागीय अधिकारियों/कार्यदायी संस्थाओं को अब प्रत्येक दशा में समय से कार्य करना होगा।

धान खरीद का लक्ष्य पूरा न होने से जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए ए0आर0को-आपरेटिव को कडी फटकार लगाते हुए समय सीमा के अन्दर लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। इकौना में मुख्य मार्ग से सन साइन स्कूल तक जाने वाली सड़क ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के द्वारा निर्माण कराया था जिसकी गुणवत्ता अच्छी न होने के कारण जिलाधिकारी ने आर0एस0 के अधिशाषी अभियन्ता को कड़ी फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के अन्दर निर्माण कराकर अवगत कराने का निर्देश दिया।

बैठक में उपस्थित प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियन्ता को निर्देश दिया कि जिले में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करावें ताकि समय से क्षतिग्रस्त सडकों को दुरूस्त कराकर आवागमन की कठिनाईयों को दूर किया जा सके।

जिलाधिकारी ने बताया कि बहुत से बहुत से शिकायत कर्ता यह शिकायत करते हैं कि जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई सूचना समय से नही दी जाती है जिस पर उन्होने गहरी नाराजगी जताते हुए जिलास्तरीय अधिकारी/कार्यालयाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि निर्धारित समय सीमा के अन्दर मांगी गयी सूचना उपलब्ध कराया जाय साथ ही उन्होने यह भी बताया कि बहुत से विभाग द्वारा बिजली बिल का भुगतान नही किया जा रहा है।

उन्होने जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन कार्यालय में बिजली बिल का बजट है वे जमा कर दें यदि नही है तो बजट मांग कर बिजली बिल का जमा करें जिससे राजस्व की पूर्ति किया जा सके।

शिकायती पोर्टल की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जो अधिकारी पोर्टल पर लम्बित शिकायतों का समय से निस्तारण में अब फिसड्डी अधिकारियों का शिकायतों का निस्तारण होने तक वेतन रोका जाएगा तथा उनके खिलाफ कार्यवाही हेतु शासन को भी पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा, प्रोवेशन, समाज कल्याण, आई0सी0डी0एस0, सिचांई, पशुपालन सहित तमाम विभागों की गहन समीक्षा किया तथा समय से लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शिव नारायण, जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार, परियोजना निदेशक प्रशान्त श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशाषी अभियन्ता विद्युत, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित विकास विभाग के तमाम अधिकारी उपस्थित रहे।

 TV30 रिपोर्ट- प्रदीप गुप्ता (श्रावस्ती)

 

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