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अलीगढ़ : बारिश के चलते डायरिया बीमारी के कारण मलखान सिंह जिला अस्पताल पस्त होता नजर आ रहा है। रविवार की रात को महिला आशा कर्मी बीमार होने पर उपचार हेतु जिला अस्पताल पहुंची। लेकिन अस्पताल में बेड खाली ना होने का हवाला देते हुए महिला आशा कर्मी को भर्ती नहीं किया गया। जिसके कारण महिला आशा कर्मी व उसका पति भड़क गया। आरोप लगाया है कि अस्पताल के डायरिया वार्ड नम्बर सात और आठ में बेड खाली होने के बावजूद भी अस्पताल स्टाफ ने सभी बेड फुल होने का हवाला दे डाला। बीमार परेशान महिला आशा कर्मी ने कहा कि जब यहां दिन रात स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली आशा कर्मी को उपचार नहीं मिल सका तो आम आदमी को उपचार कैसे मिल सकेगा। महिला आशा कर्मी की इस शिकायत के बाद मीडिया की टीम ने रविवार व सोमवार की मध्य रात्रि को ही मलखान सिंह जिला अस्पताल के वार्ड नंबर 7 और 8 की हकीकत जानी तो खाली बेड देखने को मिले। थाना सासनी गेट इलाके के कृष्ण विहार गली नंबर 1 पल्ला रोड निवासी तृप्ति शर्मा नाम की आशा कर्मी ने इलाके के कमल कुमार हॉस्पिटल में स्वयं को आशा कर्मी बताया है। जोकि रविवार की देर रात्रि को उल्टी दस्त और पेट दर्द से अधिक परेशान होने पर पति और बेटे के साथ उपचार हेतु मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर पहुंची। जहां से ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने भर्ती करने के लिए बोल दिया और डायरिया वार्ड नंबर 7 और 8 में खाली बेड पता लगाने के लिए तीमारदार संजय शर्मा को भेज दिया। जब संजय शर्मा वार्ड में पहुंचे तो उन्हें खाली ना होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया। जिसके बाद आशा कर्मी भड़क गई और आक्रोशित होकर मजबूरन अस्पताल से घर चली गई। लेकिन जाने से पहले आरोप लगाया कि जिस अस्पताल में आशा कर्मी को उपचार ना मिल रहा हो तो वहां आम जनता के लोगों को क्या उपचार मिल रहा होगा आशा कर्मी की शिकायत के बाद मीडिया की टीम मलखान सिंह जिला अस्पताल के वार्ड नंबर 7 और 8 में पहुंची। जहां दोनों ही वार्ड में बेड खाली उपलब्ध थे। वार्ड नंबर 7 में भर्ती मरीज के तीमारदार अजीत सिंह ने बताया कि वह अपने मरीज को लेकर रविवार की दोपहर करीब 3:30 बजे भर्ती हुए थे। उस वक्त भी 21 नंबर बेड खाली था और आशा कर्मी के आने व खबर बनाने तक भी बेड नंबर 21 व 14 खाली थे। बावजूद उसके ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने बेड खाली ना होने का हवाला दिया। सवाल यही उठता है कि जब बेड खाली है तो मरीजों को उपचार हेतु भर्ती क्यों नहीं किया जा रहा है वहीं, एक और बात सामने निकल कर आई है की 2 वार्ड 7 और 8 की जिम्मेदारी ऐसे डायरिया पीक पर मात्र एक नर्स आखिर कैसे ड्यूटी निभा पाएगी

इनपुट : मोहम्म्द शहनवाज

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