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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र को राजस्थान आर्मी क्लर्क पोस्ट के फिजिकल टेस्ट में कामयाबी हासिल करने के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में रिजेक्ट कर दिया गया है जब कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एक विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय है जहां पर दुनिया के दूसरे मुल्कों के भी छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं और एएमयू के भी छात्र-छात्राएं दूसरी यूनिवर्सिटीओं में पढ़ाई करने जाते हैं जिसका मतलब यह है कि यूनिवर्सिटी की जो बोर्ड है, यूनिवर्सिटी की जो मार्कशीट है, वह दुनिया के सभी जगह मानी जाती है। लेकिन यह बात जानकर हैरानी हो रही है। यूनिवर्सिटी एक सरकारी यूनिवर्सिटी होने के बावजूद भी हिंदुस्तान के राजस्थान राज्य में एएमयू की मार्कशीट को यह कहते हुए रिजेक्ट कर दिया के हमारे पास जो बोर्ड कि लिस्ट है उसमें AMU बोर्ड का नाम नहीं है।दरअसल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र मुस्लिम खान ने 2019 में 12वीं की कक्षा पास की थी और अब वह एएमयू से बीकॉम कर रहे हैं।मुस्लिम खान ने राजस्थान में आर्मी मे क्लर्क पोस्ट के फिजिकल फिटनेस टेस्ट में कामयाबी हासिल की थी जिसके बाद उनके डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में वहां के लोगों ने मुस्लिम खान को रिजेक्ट कर दिया ARO कोटा के लोगों का कहना है कि हमारे पास जो यूनिवर्सिटी बोर्ड की लिस्ट है, उसमें एएमयू बोर्ड का नाम नहीं है जिसकी वजह से हम तुम्हें रिजल्ट करते हैं, जिसके बाद मुस्लिम खान को बहुत अफसोस हुआ और वह फिक्रमनद भी दिखा।फॉरेन मुस्लिम खान राजस्थान से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पहुंचा, जहां पर उसने अपने प्रिंसिपल से मुलाकात की और स्कूल के डायरेक्टर से भी मुलाकात की। मुलाकात के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मुस्लिम खान को एक लेटर दिया, जिसके बाद उनका कहना है कि इस लैटर के जरिए अब तुम्हें नौकरी मिल जाएगी। मुस्लिम खान ने उम्मीद जताई है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जो लेटर दिया है उससे अब मेरा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हो जाएगा और मैं आर्मी में भर्ती हो जाऊंगा मुस्लिम खान ने बताया कि अजमेर में ए आर ओ कोटा के जरिए आर्मी क्लर्क के लिए भर्ती हो रही थी जिसमें मैंने अपनी मेहनत और ईमानदारी से फिजिकल फिटनेस टेस्ट में कामयाबी हासिल की। लेकिन जब डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ तो मुझे बहुत अफसोस हुआ जिसमें उन्होंने मेरी मार्कशीट को देखकर मुझे रिजेक्ट कर दिया। लेकिन अब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जो लेटर दिया है। मुझे उम्मीद है कि इसको देखकर वह मेरा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कर देंगे और मैं आर्मी में क्लर्क की पोस्ट पर भर्ती हो जाऊंगा। अगर इस लेटर को देखकर मुझे भर्ती नहीं किया गया तो मैं दोबारा आकर AMU प्रशासन को बताऊंगा।
यूनिवर्सिटी प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि एक लड़का हमारे पास आया था। वह यूनिवर्सिटी के प्रिंसिपल और डायरेक्टर से भी मिला था। उसने आर्मी कलर के फिजिकल फिटनेस टेस्ट को क्वालीफाई कर लिया, लेकिन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में उसको रिजेक्ट कर दिया गया है। लेकिन प्रशासन की जानिब से उसको एक लेटर दे दिया है। जिस से उम्मीद की जा रही है कि उसका डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हो जाएगा। अगर फिर भी नहीं होता है तो आगे देखते हैं, हम क्या कर सकते है।

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