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जहां एक ओर सरकार के द्वारा महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तमाम तरह के दावे किए जारहे है,साथ ही महिलाओं की सुनवाई के लिए सभी थाना क्षेत्रों में महिलाओं की सुनवाई के लिए महिला डैस्क का निर्माण किया गया लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए महिला डैस्क कितना लाभकारी होती दिखाई देरही है इस बात का अंदाजा
5 दिन से थाने के चक्कर लगा रहे उस परिवार से लगाया जासकता है जिसकी नाबालिग बेटियों से हुई छेड़छाड़ के 5 दिन बाद भी पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाया

दरअसल पूरा मामला अलीगढ़ के गोंडा क्षेत्र के गांव का है जहां एक पीड़ित परिवार के द्वारा कप्तान दरबार में मदद की गुहार लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर रोष व्याप्त है पीड़ित परिवार का कहना है बीते 7 अगस्त को देर रात जब उसकी 12 वर्षीय नाबालिग बेटियों के द्वारा खेत पर अपने बाबा को खाना देने के लिए जाया जा रहा था तभी अचानक रास्ते में
आरोपियों के द्वारा नाबालिगों के साथ जबरन छेड़छाड़ करते हुए बलात्कार का प्रयास किया गया जिसके द्वारा जब नाबालिक बच्चों के द्वारा चीख-पुकार की गई जिस की आवाज सुनकर नाबालिगों के चाचा के द्वारा जब आरोपियों से कहासुनी की गई तो आरोपियों के द्वारा पीड़िता के चाचा के साथ जमकर मारपीट की गई साथ ही गले में जंजीर के माध्यम से उसकी गला दबाकर हत्या का प्रयास किया गया 7 अगस्त घटना के बाद पीड़ित परिवार के द्वारा थाना गोंडा में मदद की गुहार लगाई इलाका पुलिस के द्वारा कार्यवाही न करते हुए आरोपियों को थाने से भगा दिया जिसके बाद न्याय की आस में पीड़ित परिवार के द्वारा कप्तान दरबार में मदद की गुहार लगाई है साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है पूरे मामले पर एसपी ग्रामीण शुभम पटेल के द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया गोंडा क्षेत्र के गांव में दो पक्षों में विवाद हुआ था जिसको लेकर पुलिस के द्वारा मामले के मामले की जांच की जा रही साथ ही पीड़ित परिवार की तहरीर पर आधार पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं अब देखना ही होगा क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा या नहीं यह देखना अभी बाकी है

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