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अलीगढ़ : जहां एक ओर महिलाओ की सुरक्षा व्यवस्था का पिटारा पीटने वाली दिल्ली पुलिस अपने तमाम तरह की टैक्नोलॉजी से लैस होने का दावा करती है लेकिन जमीनी स्तर पर दिल्ली पुलिस की टेक्नोलॉजी कितनी हाईटेक है इस बात का अंदाजा , साबिया के हत्यारों को ना पकड़ने से लगाया जासकता है,जहां साबिया के हत्यारे आज तक फरार है ,और पुलिस महज खानापूर्ति करती नजर आरही है,जिसको लेकर जगह जगह प्रदर्शन शुरू हो गए है,

दरअसल पूरा मामला जिला अलीगढ़ का है जहां अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के द्वारा दिल्ली में हुई साबिया की हत्या और उसके साथ हुए अमानवीय व्यवहार से नाराज होकर छात्रों के द्वारा जमकर नारेबाजी की छात्र जानिब हसन के द्वारा कहा गया भारत की राजधानी दिल्ली आए दिन किसी न किसी बालात्कार की खबर को लेकर चर्चे में बनी रहती है। मानो ऐसा लगता है देश की राजधानी अब बालात्कार की राजधानी बनती जा रही है। सोचने वाली बात ये है कि यह घटनाएं राजधानी में हो रही हैं, जबकि राज्य की सारी कानून व्यवस्था केंद्र के पास है, जो पूरी बहुमत में हैं। तो फिर सवाल उठता है कि इन बालात्कारो को कौन ज़िम्मेदार है
आज दिल्ली की बेटी साबिया के लिए इंसाफ की मांग करते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने एक कैंडल मार्च निकाला। जिसका का उद्देश्य सोई हुई सरकार को जगाना और बलात्कारों पर रोक लगाने के लिए हैं, गुस्साए छात्रों का कहना है दिल्ली की सुरक्षा की व्यवस्था मोदी जी पर है इस समय ऐसा लगता है मोदी जी आंख मूंद कर सो रहे हैं, देश में बेटियां सुरक्षित नहीं है। न जाने आने वाले दिनों में कितना बुरे दिन और देखने पड़ेंगे इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

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