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अमावस्या का अपना एक अलग स्थान है और सोमवार को पढ़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है जिसका एक अलग ही महत्व है पर इस पूरे वर्ष में केवल अप्रैल माह में एकमात्र सोमवती अमावस्या पड़ेगी इसके उपरांत कोई भी अमावस्या नहीं पड़ रही है जैसा कि आचार्य डॉक्टर शिवदत्त शास्त्री के द्वारा बताया गया आचार्य शिवदत्त शास्त्री ने बताया इस पूरे वर्ष में एकमात्र सोमवती अमावस्या पड़ रही है इसके अतिरिक्त कोई भी सोमवती अमावस्या नहीं है सितंबर माह में होने वाली अमावस्या सोमवती अमावस्या नहीं होगी यह शुभ सोमवार के साथी मंगलवार को भी होगी इसलिए इस दिन व्रत का भी कोई महत्व नहीं है साथ ही उन्होंने बताया सोमवारी अमावस्या में सूर्य को अर्घ्य देना भी अति महत्वपूर्ण होता है जिससे कि आपको आपके पूर्वजों का आशीर्वाद प्रदान होता है इस दिन स्नान और दान का बहुत महत्व है अगर आप किसी नदी में स्नान नहीं कर पाते हैं तो घर पर ही स्नान कर कर दान करने पर ज्यादा ध्यान दें सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा करने से भी अद्भुत फल मिलता है क्योंकि सोमवती अमावस्या सोमवार को होती है और सोमवार का दिन भगवान शिव का दिन है और इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से भगवान शिव अत्यधिक प्रसन्न होते हैं और मनवांछित फल प्रदान करते हैं पर इस बार पूरे वर्ष में केवल एक ही सोमवती अमावस्या पड़ेगी सोमवती अमावस्या का अपना एक अलग महत्व है इस दिन प्रात काल जल्दी उठकर स्नान ध्यान करना चाहिए इस दिन श्मशान घाट में जाने से बचना चाहिए इस दिन दान का भी अपना एक अलग महत्व है ।

इनपुट : अभय ठाकुर

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