Visitors have accessed this post 21 times.

लखीमपुर खीरी: लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा दिल्ली के पुत्र आशीष मिश्रा को बीती देर रात करीब 1:30 पर जेल भेज दिया गया उन पर आंदोलन कर रहे किसानों पर गाड़ियां चढ़ा कर उन्हें मौत के घाट उतारने का आरोप है।
क्योंकि उस घटना का आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया था ऐसे में मामला केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र से जुड़ा होने के चलते काफी हाईप्रोफाइल हो गया था उत्तर प्रदेश सरकार की पुलिस भी रसूख के आगे पूरी तरह बौनी साबित हो रही थी। घटना के कई दिनों बाद तक आरोपी की गिरफ्तारी न किए जाने से इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने सोचा संज्ञान लिया और उत्तर प्रदेश सरकार से तत्काल आरोपी को क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया इस पर सवाल खड़ा कर दिए। सुप्रीम कोर्ट के डंडे के बाद हरकत में आई यूपी पुलिस ने तत्काल एसआईटी का गठन कर आरोपी आशीष मिश्रा को नोटिस भेजकर एसआईटी के सामने पक्षों को प्रस्तुत करने की बात कही। पहली बारिश के बाद जब आशीष मिश्रा नहीं आए तो एक बार फिर सियासी हल्ला मचा और एसआईटी ने तत्काल दूसरी नोटिस देकर अपने सबूत पेश करने के लिए 1 दिन का और मौका आशीष मिश्रा को दिया।
आज 9 तारीख को 11:00 बजे आशीष मिश्रा को एस आईटी सेल के सामने आना था वह अपने तयशुदा समय से आधा घंटा पहले ही इस आईटी के बुलावे पर क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंच गए। ऐसा किसी ने उनसे 12 घंटे की मैराथन पूछताछ की और आशीष मिश्रा के जवाबों से संतुष्टि जाहिर करते हुए उन्हें न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया। इस मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें तेरा दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। घटना घटना में आरोपी आशीष मिश्रा के वकील ने जब अपना बचाव का पक्ष न्यायालय में रखा तो जज ने उन्हें सोमवार का दिन सुनने के लिए तय किया। पूरे घटनाक्रम के बाद आशीष मिश्रा को जेल भेज दिया गया अब वह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं अब देखना यह होगा कि सोमवार को उनकी तरफ से वकील न्यायालय में क्या साक्ष्य रखते हैं और क्या उन्हें जमानत मिलती है या फिर लगातार एसआईटी द्वारा यह कहे जाने की आरोपी ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया तो क्या उन्हें पुलिस रिमांड पर लेगी बहरहाल बड़ा सवाल यह भी उठता है कि लगातार केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जहां यह कहते दिखाई दे रहे थे कि उनका बेटा निर्दोष है ऐसे में जब एसआईटी और न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया तो क्या वह अपना इस्तीफा देंगे वही विपक्ष आज भी उन्हें घेरने का काम चल रहा है विपक्ष का कहना है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जैसे पद पर रहते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच होना संभव नहीं है।

INPUT – zamir Ahmed

यह भी देखे : हाथरस के NINE to 9 बाजार में क्या है खास 

अपने क्षेत्र की खबरों के लिए डाउनलोड करें TV30 INDIA एप

http://is.gd/ApbsnE