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अलीगढ़ : अलीगढ़ में किसानों का आंदोलन उग्र हो रहा है. शनिवार को पिसावा, टप्पल ,खैर इलाके में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंका. इस दौरान पुलिस से जमकर तकरार हुई.  किसान नेता के कपड़े फट गये. वहीं पुलिस किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए किसान नेताओं को नजर बंद कर रही हैं. 18 अक्टूबर को संयुक्त किसान मोर्चा ने मांगो को लेकर रेल रोको अभियान चलाएंगे. जिसको लेकर के किसानों ने विभिन्न इलाकों में मोदी और योगी सरकार का पुतला दहन कर रहे है. खैर, पिसावा इलाके में भी  पुतला दहन किया गया. जिसे रोकने के लिए पुलिस मुस्तैद दिखी.

एक दिन पहले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत टप्पल इलाके में किसानों से आंदोलन को लेकर रणनीति तय की थी. जिसके तहत राकेश टिकैत ने रेल रोको अभियान और लखनऊ में महापंचायत के लिए कहा था. इसको लेकर के किसान सरकार के खिलाफ पहले ही विरोध प्रदर्शन में जुट गये है. भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ओपी सिंह कमांडर ने बताया कि सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है. भाजपा सरकार द्वारा किसानों पर थोपी गई नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सड़क और रेल रोको अभियान के तहत सरकार का विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
भारती किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष  ने बताया कि आज शांतिपूर्वक तरीके से मोदी – योगी सरकार का पुतला दहन कर रहे थे. लेकिन खैर पुलिस की टीम ने  गुंडागर्दी की. किसान नेताओं के कपड़े फाडें.जबरन उठाकर पुलिस की गाड़ी में बैठाया गया. किसान नेता ओपी सिंह कमांडर ने बताया कि भाजपा सरकार सत्ता के नशे में चूर है. पुलिस को भी आंदोलन को कमजोर करने और किसानों को परेशान करने के लिए लगा दिया है. उनहोंने  कहा कि किसान  ही भाजपा सरकार का अंतिम संस्कार करेंगे.
तीन कृषि कानून और फसल के न्यूनतन समर्थन मूल्य को लेकर किसान पिछले 10 महीने से आंदोलन कर रहे हैं. तो वही लखीमपुर घटना में किसानों पर गाड़ी चढ़ाने  वाले केंद्र के गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त किये जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन सक्रिय तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं |

Za Khan
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