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महोबा :  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुंदेली भाषा से अपना उदबोधन शुरू करते हुए कहा कि जौन महोबा की धरा में आल्हा और ऊदल और वीर चंदेलों की वीरता कण कण में समाई है वह महोबा की धरती को हमार कोटि कोटि प्रणाम पहुंचे। उन्होंने कहा कि महोबा की ऐतिहासिक धरती पर आकर एक अलग की अनुभूति होती है,इस समय देश की आज़ादी में जनजातीय समुदाय के योगदान के लिए जनजातीय सप्ताह मनाया जा रहा, उन्होंने जन समुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी का आज प्रकाश पर्व भी है,शुभकामनाएं देता हूँ । आज ही भारत की वीर बेटी,बुंदेलखंड की शान महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिन भी है। बीते 7 सालों में हम कैसे सरकार को दिल्ली के बन्द कमरों से निकाल कर देश के कोने कोने में लाये हैं ये महोबा इस बात का गवाह है।उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले यहां से देश के उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की थी,मुझे याद है मैंने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाऊंगा,महोबा में वो किया गया वादा पूरा हो चुका है । आज मैं आप बुंदेलखंडी भाइयों बहनों को बहुत बड़ी सौगात देने आया हूँ । उन्होंने कहा कि 3 हजार करोड़ से ज्यादा लागत से बनी इन परियोजनाओं से हमीरपुर, ललितपुर बांदा के लाखों किसान परिवार को लाभ मिलेगा । 4 लाख लोगों को पीने का पानी मिलेगा पीढ़ियों के इंतज़ार आज खत्म हो गया ।आपका विश्वास मेरी सर आंखों पर है । प्रधानमंत्री ने महोबा के मोदी मैदान से सम्बोधित करते हुऐ कि महोबा सहित ये पूरा क्षेत्र कभी जल संरक्षण का उत्तम मॉडल हुआ करता था,बुंदेलों चंदेलों परिहार राजाओं के समय के तालाब इसके उदाहरण हैं ।यही चित्रकूट बुंदेलखंड है जिसने वनवास में प्रभु राम का साथ दिया ।समय के साथ यही क्षेत्र पानी की चुनौती और पलायन का केंद्र कैसे बन गया,क्यों लोग यहां की बेटियां पानी वाले क्षेत्र मे शादी की कामना करने लगी,इन सवालों को महोबा और बुन्देलखण्ड के लोग भली भांति जानते हैं । उन्होंने पूर्व की सरकारों पर निशान साधते हुए कहा कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने इस क्षेत्र का दोहन किया,माफियाओं ने यहां के संसाधनों का दुरुपयोग किया ।अब कैसे इनपर बुलडोज़र चल रहा है । ये लोग कैसे भी शोर मचा लें लेकिन काम नही रुकने वाला है,इनलोगो ने जैसा बर्ताव किया उसे बुंदेलखंड के लोग नही भूल सकते ।नलकूप ताल तलैया के नाम पर इन लोगो ने फीते बहुत काटे लेकिन क्या किया ये आप भी जानते हैं । खुदाई पानी मे कमीशन,सूखा राहत में घोटाले हुए, आपका परिवार बून्द बून्द तरसे इनसे उनका कोई सरोकार नही था। उन्होंने जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि दशकों तक बुंदेलखंड के लोगों ने लूटने वाली सरकारें देखीं हैं,पहली बार बुंदेलखंड के लोग, यहां के विकास के लिए काम करने वाली सरकार को देख रहे हैं,वो उत्तर प्रदेश को लूटकर नहीं थकते थे, हम काम करते-करते नहीं थकते हैं।किसानों को हमेशा समस्याओं में उलझाए रखना ही कुछ राजनीतिक दलों का आधार रहा है ।ये समस्याओं की राजनीति करते हैं और हम समाधान की राष्ट्रनीति करते हैं,केन-बेतवा लिंक का समाधान भी हमारी ही सरकार ने निकाला है, सभी पक्षों से संवाद करके रास्ता निकाला है। परिवारवादियों की सरकारें किसानों को सिर्फ अभाव में रखना चाहती थी, हमने किसानों के लिए पूरी रकम सीधे उनके घर तक पहुंचाई है । उन्होंने कहा कि बरसो तक ये अर्जुन सहायक अधूरी पड़ी रही ।.2014 के बाद जब मैंने देखा तो उन योजनाओं का रिकॉर्ड मंगवाया और तत्कालीन यूपी सरकार से उसे शुरू करने की बात की थी लेकिन उन्होंने बुंदेलों के दर्द को नही समझा। 2017 में योगी जी की सरकार आते ही हमने यह काम फिर शुरू किया और आज यह जनता को समर्पित है । उन्होंने कहा कि परिवारवादियों की सरकार किसानों को आभव में रखना चाहती थी । हम बुंदेलखंड से पलायन को रोकने के लिए और रोजगार परक बनाने के लिए प्रतिबंध है । अंत मे उन्होंने बुंदेलखंड सहित महोबा की तारीफ करते हुए कहा कि यह तीर्थों का क्षेत्र है जिसे गोरखनाथ का आशीर्वाद प्राप्त है। बुंदेली भाषा , बुंदेली काव्य, गीत संगीत , और महोबा की

Input : Vijay pratap singh

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