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देश के प्रधानमंत्री द्वारा तीनों कृषि कानून बिल वापस लेने की घोषणा की गई हैं। उसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानून बिल से पहले बनाए गए। सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) बिल को लेकर भी मोदी सरकार से बिल वापस लेने के लिए अब तेजी के साथ एएमयू से मांग उठनी शुरू हो गई है। जहां अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा सर सैयद डे के मौके एएमयू कैंपस में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। सर सैयद डे के सेलिब्रेशन कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे एएमयू के पूर्व छात्र नेता व सपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने AMU के अंदर से सीएए व एनआरसी बिल वापस लेने की मांग शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार पिछले 14 महीने से तीनों कृषि कानून बिल को वापस करने को लेकर देश के अन्नदाता किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। लेकिन मोदी सरकार अन्नदाताओ के आगे झुकने को तैयार नहीं थी। इस दौरान ना जाने कितने किसान आंदोलन करते हुए शहीद हो गए। जिसके बाद देश के प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा गुरु पूर्णिमा के मौके पर 14 महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के तीनों कृषि कानून बिल को वापस लेने की घोषणा कर दी गई। तो वही देशभर में मोदी द्वारा कृषि कानून बिल वापसी की घोषणा के बाद अब एनआरसी NRC व सीएए CAA को भी वापस लेने की मांग के साथ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से आवाज उठनी शुरू हो गई है।जहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद फहद के द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सर सैयद डे सेलिब्रेशन के दौरान मौजूदा केंद्र सरकार से मांग की गई है। जिस तरह से केंद्र सरकार के द्वारा तीनों कृषि किसान बिल वापस किया गया है। ठीक उसी तरह से CAA व NRC बिल को भी वापस कर लेना चाहिए। जो CAA/NRC बिल आम जनता को मंजूर नहीं है। जिस बिल को देश में लाने से क्या फायदा हैं।

दरअसल मामला अलीगढ़ जिले के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का है। जहां पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्रों के द्वारा सर सैयद डे प्रोग्राम का आयोजन बड़े ही धूमधाम के साथ आयोजित किया गया है। जिसमें सर सैयद डे के कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व एएमयू के छात्र नेता मोहम्मद फ़हद को मुख्य अतिथि के रुप में बुलाया गया था।

इस दौरान एएमयू के पूर्व छात्र नेता व मौजूदा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया। मौजूदा सरकार अब चारों तरफ से बुरी तरीके से घिर चुकी है। महंगाई के बाद आम जनता पर तमाम तरह के बिल मजबूरी तरीके से थोपे जा रहे हैं। आज तीनों कृषि कानून किसान बिल वापस हुआ है। जबकि मौजूदा सरकार ने जो गलती की है उसकी उनके द्वारा माफी मांगी गई है। कृषि कानून बिल वापस लेने के बाद कहीं ना कहीं सीएए CAA और एनआरसी NRC के बिल को भी सरकार के द्वारा वापस लेना चाहिए। इसके साथ ही कहा अन्यथा की स्थिति में NRC/CAA को लेकर एक बार फिर विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।

आपको बता दें 17 अक्टूबर को सर सैयद डे मनाया जाता था लेकिन कोरोना के चलते सर सैयद डे के सेलिब्रेशन का कार्यक्रम नहीं किया गया था। जबकि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ओल्डब्वॉय छात्र और वर्तमान छात्रों के द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सर सय्यद डे कार्यक्रम का आयोजन बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया था। इसमें एएमयू के दर्जनों छात्रों के द्वारा कार्यक्रम में शिरकत की गई थी। इस दौरान एएमयू छात्र नेता मोहम्मद फहद के द्वारा मौजूदा सरकार पर जमकर तंज कसे हैं। इसके साथ ही छात्र नेता ने कहा कि जब हकूमते अंधी हो जाती हैं तो जरूरी हो जाता है कि एक इंकलाब लेकर के आया जाए और विरोध प्रदर्शन और आंदोलन होने चाहिए। कृषि कानून बिल के खिलाफ तमाम अवाम और देश के लोगों ने किसानों का साथ दिया था। किसानों के आंदोलन के सामने सरकार ने अपने घुटने टेक दिए। जिसके चलते किसानों की जीत हुई है। तो वहीं सी ए ए और एनआरसी के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों सहित तमाम आवाम के लोगों द्वारा बिल वापस करने को लेकर सड़कों पर उतर कर कई महीनों तक आंदोलन किया गया था। लेकिन उस दौरान बहरी और अंधी सरकार के कानों पर जू नहीं रेंगी। जो आंदोलन कोरोना के चलते खत्म करना पड़ा था। इसके साथ ही कहा कि सरकार के द्वारा अगर दोबारा से सीएए और एनआरसी को दोबारा से लागू किया जाएगा तो सीएए व एनआरसी बिल को वापस लेने के लिए सड़कों पर उतर कर एक बार फिर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

लेकिन अब देखना यह होगा की तीनों कृषि कानून किसान बिल वापसी के बाद अब मौजूदा सरकार क्या CAA और NRC जैसे बिल को वापस लेगी या नहीं यह देखना अब बेहद दिलचस्प रहेगा।

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