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अलीगढ़ : जहरीली शराब कांड में जेल गई जवां की पूर्व ब्लॉक प्रमुख रेनू शर्मा की मौत के बाद प्रकरण में नया मोड़ आ गया। दीवानी में पेशी पर लाए गए रेनू के शराब माफिया पति ऋषि शर्मा ने कारागार प्रशासन पर जेल में पुलिस से साजिश रचकर पत्नी को मारने का आरोप लगाया। अभिरक्षा में कोर्ट जाते समय ऋषि ने चीख-चीखकर कहा कि ये एक साजिश के तहत हुआ है। इस दौरान परिवार व समर्थकों ने पुलिस विरोधी नारेबाजी की और अभिरक्षा में लगी पुलिस से जमकर नोकझोंक भी हुई।
जहरीली शराब कांड के गभाना की मौतों से जुड़े मुकदमे में घोषित माफिया ऋषि शर्मा, मुनीष शर्मा, अनिल चौधरी, विपिन, गंगाराम प्रधान, शिवकुमार, कपिल आदि नौ आरोपी को एडीजे-9 की अदालत में तलब थे। ये सभी जेल से दीवानी हवालात वैन से लाए गए, जब दोपहर में इन्हें पुलिस अभिरक्षा में पैदल-पैदल दीवानी हवालात से कोर्ट ले जाया जा रहा था तो परिवार व समर्थकों के अलावा कुछ अधिवक्ता भी साथ थे। जैसे ही मीडियाकर्मियों को ऋषि ने देखा तो चीखना शुरू कर दिया कि उसकी पत्नी को साजिश रचकर मारा गया है। ऋषि ने पुलिस व जेल के कुछ अधिकारियों के नाम लेकर उन पर आरोप लगाए। कहा कि वे अधिकारी लगातार उन्हें धमका रहे हैं।

ऋषि ने कहा कि उसकी पत्नी की जमानत मंजूर हो गई थी। इसके बाद उसके जमानतदारों को पुलिस जाकर धमका रही थी। गभीर रूप से बीमार होते हुए भी जबरन मेडिकल कॉलेज से छुट्टी कराकर जेल ले आया गया। घटना वाली शाम 8 बजे उसकी तबियत बिगड़ी। डॉक्टर को बार-बार खबर भिजवाई गई। मगर बुलावे पर डॉक्टर नहीं आया। उसे बंदियों की निगरानी में रहने वाले नर्सिंग स्टाफ, बंदीरक्षक व कुछ बंदियों ने ओवरडोज इंशुलिन दे दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मौत होने पर 11 बजे के बाद जेल से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। ऋषि ने कहा कि अब उसे चुप रहने के लिए धमकाया जा रहा है। ऋषि ने सवाल उठाया कि जब पत्नी का 90 फीसद हार्ट ब्लॉक था तो उसे जेल वापस क्यों लाया गया। उसके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची गई है। यह घटना उसी का हिस्सा है। इस दौरान ऋषि को पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो समर्थकों ने नारेबाजी कर दी और उनकी नोकझोंक तक हुई। बाद में अधिवक्ता भी ऋषि के समर्थन में आ गए। किसी तरह पुलिसकर्मी सभी को कोर्ट ले गए और पेशी के बाद वापस हवालात लाया गया।
आए दिन जेल में हो रही मौत, कोई दवा देने वाला नहीं
ऋषि ने तो यहां तक कहा कि जेल में आए दिन लोगों की मौत हो रही हैं। वहां बीमार बंदियों को दवा देने वाला तक कोई नहीं है। आरोप लगाया कि बंदियों की निगरानी करने वाले पुराने बंदी ही दवा देते हैं। वही इंजेक्शन तक लगाते हैं।
अनिल ने उठाई 100 से ज्यादा मौत पर सीबीआई जांच व नारको टेस्ट की आवाज
शराब माफिया अनिल चौधरी ने भी इस दौरान ऋषि के सुर में सुर मिलाया। उसने कहा कि यह सोची समझी साजिश का हिस्सा है। जहरीली शराब कांड में राजनीतिक साजिश के तहत हम लोगों को जेल भेजा गया। अब हमारे साथ जेल में अन्याय हो रहा है। अनिल ने कहा कि इस पूरे कांड और अब रेनू की मौत की सीबीआई जांच हो तो सब साफ हो जाएगा। साथ में हम लोगों का नारको टेस्ट भी करा लिया जाए। अनिल ने कहा कि मान लो हम झूठ बोल रहे हैं तो सीबीआई जांच क्यों नहीं। अनिल ने कहा कि जब गोरखपुर में हुई कानपुर के कारोबारी की एक मौत के मामले में सीबीआई जांच हो सकती है तो यहां शराब से इतनी मौत हुईं। अब हमारे साथ निरुद्ध बीमार रेनू की मौत हो गई। तो इस मामले में सीबीआई जांच क्यों नहीं हो सकती। क्योंकि सच से पर्दा उठ जाएगा।

Input : ZA Khan

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