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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सूबे के शराब सिंडिकेट की कमर तोड़ने का फैसला लिया गया. मायावती शासनकाल से चली आ रही व्यवस्था को खत्म कर दिया गया

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सूबे की आबकारी नीति में बड़ा फेरबदल करते हुए नियमों में कई बदलाव किए गए हैं. मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शराब दुकानों के खुलने के समय में कटौती का फैसला लिया गया. पहले जहां शराब की दुकानें सुबह 11 बजे खुलती थीं, वे अब 12 बजे खुलेंगी. यही नहीं रात 11 बजे की जगह दुकानें 10 बजे ही बंद हो जाएंगी. नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू होगी.

इतना ही नहीं योगी कैबिनेट ने शराब सिंडिकेट को तोड़ने की नीति भी बनाई है.मायावती शासनकाल से चुनिंदा लोगों के कायम एकाधिकार को तोड़ने वाली नई आबकारी नीति के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है. सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि 2008-09 से व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, और बरेली मंडलों का एक स्पेशल जोन बनाकर ठेका दिया जाता था. यह पहल मायावती शासनकाल में हुई थी और अखिलेश सरकार में भी यह व्यवस्था लागू रही.

मंत्री ने बताया कि सरकार ने अब 2018-19 के लिए पारदर्शी आबकारी नीति को मंजूरी देते हुए स्पेशल जोन और थोक के भाव लाइसेंस देने की व्यवस्था ख़त्म कर दी है.

एक जिले में अधिकतम दो दुकानें मिलेंगी

नई नीति में अब एक जिले में दो से ज्यादा लाइसेंस किसी को नहीं मिलेगा. शराब की अवैध बिक्री व तस्करी रोकने के लिए होलोग्राम की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है. इसके स्थान पर ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लागू होगा. बता दें कि होलोग्राम की व्यवस्था शुरू से ही विवादों और चर्चा में रही है.

 

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