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उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधि​मंडल बुधवार को राज्यपाल राम नाईक से मिला. इस दौरान प्रदेश में तमाम आपराधिक घटनाओं को का जिक्र करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने योगी सरकार के खिलाफ ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल में लखनऊ में डकैती की घटनाओं के साथ ही प्रदेश के तमाम जिलों में हो रही आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया. प्रतिनिधिमंडल में 6 विधायक शामिल थे. इनका नेता विरोधी दल विधान परिषद अहमद हसन ने नेतृत्व किया. उनके अलावा सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी भी प्रतिनिधिमण्डल में शामिल रहे.

बता दें कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पहले ही कानून व्यवस्था के मुद्दे पर योगी सरकार पर हमलावर हैं. लखनऊ में डकैती की घटना के बाद खुद अखिलेश यादव ने काकोरी का दौरा किया था. यहां उन्होंने योगी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए.  अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डकैती, लूट, बलात्कार की घटनायें रूकने का नाम ही नहीं ले रही है. प्रदेश की राजनीति में ही जब असुरक्षा और आतंक का माहौल व्याप्त हो गया है तो फिर पूरे प्रदेश के हालात को आसानी से समझा जा सकता है.

अखिलेश यादव ने कहा कि लखनऊ में काकोरी के कटौली और बनियाखेड़ा में हुई डकैती की घटना के बाद एक बार फिर मलिहाबाद के सरांव गांव में 2 डकैती पड़ गई और श्यामू रावत की हत्या इस बात को प्रमाणित करती है कि अपराधी के बेखौफ है. उन्हें राज्य सरकार और इसकी पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 महीने की भाजपा सरकार में आम जनता दहशत का शिकार हो गयी है. लचर शासन व्यवस्था की वजह से पुलिस प्रशासन की उदासीनता जग जाहिर हो गयी हैं. मुख्यमंत्री सिर्फ इनकाउंटर को समाधान मानते हैं जबकि अपराधी खुलेआम सरकार को चुनौती देते नज़र आ रहे हैं.

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