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सिकंदराराऊ : हुसैनपुर कोडरा पुल पर भागवत कथा के चौथे दिवस की शुरुआत भागवत आरती और विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई।
महंत धीरेन्द्र ब्रह्मचारी जी ने कहा कि निश्चित तौर पर हम गुरु के सानिध्य में इसलिए जाते है क्योंकि हम कुछ सीखना चाहते है। कुछ समझना चाहते है।
कथा व्यास पुष्पेन्द्र शास्त्री ने बताया कि व्यक्ति इस संसार से केवल अपना कर्म लेकर जाता है। इसलिए अच्छे कर्म करो। भाग्य, भक्ति, वैराग्य और मुक्ति पाने के लिए भगवत की कथा सुनो। केवल सुनो ही नहीं बल्कि भागवत की मानों भी। सच्चा हिन्दू वही है जो कृष्ण की सुने और उसको माने , गीता की सुनो और उसकी मानों भी , माँ – बाप, गुरु की सुनो तो उनकी मानो भी तो आपके कर्म श्रेष्ठ होंगे और जब कर्म श्रेष्ठ होंगे तो आप को संसार की कोई भी वस्तु कभी दुखी नहीं कर
पायेगी। और जब आप को संसार की किसी बात का फर्क पड़ना बंद हो जायेगा तो निश्चित ही आप वैराग्य की ओर अग्रसर हो जायेगे और तब ईश्वर को पाना सरल हो जायेगा।
कथा भागवत में भाईचारा सेवा समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरपाल सिंह यादव, हरेंद्र यादव, अजब सिंह यादव, रमेश यादव, कुंती, श्यामा देवी, सृष्टि यादव, शौभा यादव, सुरती, अनीता यादव, मुन्नी देवी, सूखा , रविन्द्र यादव, सोमपाल यादव, कोमल सिंह, रविन्द्र पुंडीर, सूर्यकांत शर्मा, अमरनाथ द्विवेदी, शिव शंकर शर्मा, राजेश चौहान, पवन पुंडीर, देवा बघेल, विजय यादव, विनय यादव, रामसेवक यादव, राजपाल यादव, तूफान सिंह, अनिल यादव, हीरालाल यादव, रामवती यादव, अनीता, सारा, शोभा यादव, रमेश कुमार, सोमेश कुमार, विवेक शर्मा, आलोक जादौन, परमवीर बघेल,राधा चौहान , ओमवीर सिंह, कल्लू सिंह, रामसहाय आदि मौजूद थे।

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