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सिकंदराराऊ :  तहसील क्षेत्र के गांव लाल गढ़ी निवासी नक्सली हमले में शहीद जवान का शव जैसे ही गांव में पहुंचा तो हजारों लोगों का जनसैलाब अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों, राजनीतिक हस्तियों ने भी गांव में पहुंच कर बहादुर बेटे को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद जवान का परिवार इस घटना से गहरे सदमे में नजर आया। हालांकि परिवारीजनों को बहादुर बेटे की शहादत का गर्व भी है । शहीद जवान शिशुपाल सिंह यादव सीआरपीएफ में एसआई के पद पर तैनात थे। वहीं उनके साथ दो अन्य जवान भी इस नक्सली हमले में शहीद हुए हैं।
ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में नक्सली हमले में शहीद जनपद हाथरस की तहसील सिकंदराराऊ के ग्राम लालगाढ़ी के सीआरपीएफ की जी-19 बटालियन के एसआई शिशुपाल सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में दोपहर बाद पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ धार्मिक परम्परानुसार किया गया। सीआरपीएफ की टुकड़ी ने असिस्टेंट कमांडेंट के नेतृत्व में अपने शहीद साथी को मातमी धुन बजाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। घटना की जनकारी होने पर आसपास के लोग व रिश्तेदार घर पर पहुंच कर शोक संवेदना व्यक्त की।
नक्सली हमले में तहसील सिकंदराराऊ के गांव लालगढ़ी अगराना के रहने वाले शिशुपाल सिंह शहीद हो गये। जवान बोडेन पुलिस थाना इलाके के भैंसदानी के जंगल में रोड ओपनिंग पार्टी में तैनात थे। दोपहर करीब 03ः00 बजे नक्सलियों ने घात लगाकर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इससे पहले कि जवान संभल पाते एएसआई शिशुपाल सिंह फायरिंग की चपेट में आ गए। शहीद का शव उनके पैतृक गांव लालगढ़ी लाया गया। उनके पार्थिव शरीर के साथ जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे। इसके बाद सीआरपीएफ के जवानों की टुकड़ी ने वाहन से शहीद के तिरंगे में लिपटे शव को कांधा देकर उतारा। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में शहीद के गांव और आसपास के क्षेत्रों से भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ में शहीद के परिजन, नाते रिश्तेदार, मित्र और परिचित भी शामिल रहे। सभी ने तिरंगे में लिपटे हुए शहीद जवान के पार्थिव शरीर पर सीआरपीएफ के डीआईजी, विधायक वीरेन्द्र सिंह राणा, पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान, जिलाधिकारी रमेश रंजन, पुलिस अधीक्षक विकास कुमार वैद्य, उप जिलाधिकारी अंकुर वर्मा, तहसीलदार सुशील कुमार, सीओ सुरेंद्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह तथा अन्य सभी ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात गार्ड ऑफ आनर दिया गया। इसके बाद शहीद की चिता को मुखाग्नि दी। जिसका साक्षी पूरा क्षेत्र बना। सभी ने शहीद शिशुपाल सिंह को अश्रुपूरित नेत्रों से विदा किया।
शिशुपाल की शहादत की खबर सुनकर उनके गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जैसे ही पार्थिव शरीर लेकर सेना के जवान गांव लालगढी पहुंचे तो चारों ओर चीख-पुकार मच गई। हजारों लोगों की भीड़ ने भारत मां के बहादुर सपूत को श्रद्धांजलि दी। शहीद जवान की बूढ़ी मां और पत्नी तथा परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था ।

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