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सिकंदराराऊ : भाजपा नेता विपिन वार्ष्णेय के आवास पर जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी के दौरान उन्हें भाजपाइयों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शो पर चलने का संकल्प लिया।
भाजपा नेता विपिन वार्ष्णेय ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष राज्य के दर्जा के खिलाफ थे और उन्होंने राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा बताते हुए अनुच्छेद 370 का पुरजोर विरोध किया था। संसद के भीतर और बाहर इसके खिलाफ कड़ी लड़ाई लड़ी। भारतीय जनसंघ का मकसद इसे तत्काल समाप्त करना था। मुखर्जी ने 26 जून 1952 को अपने लोकसभा भाषण में इस प्रावधान के खिलाफ आवाज उठाई। राज्य का अलग झंडा होने और प्रधानमंत्री के प्रवाधान पर मुखर्जी ने कहा था ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे।’ मोदी सरकार ने 2019 में इसको समाप्त कर दिया। मुखर्जी 1943 से 1946 तक अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष भी रहे। 1953 में जम्मू और कश्मीर पुलिस की हिरासत में उनकी मृत्यु हो गई।
इस अवसर पर जय पाल् सिंह चौहान, विष्णु वार्ष्णेय, कन्हया वार्ष्णेय, विकास वार्ष्णेय, धीरज वार्ष्णेय, देबेन्द्र गुप्ता, विकास वर्मा, नितिन बघेल, बिजेंद्र यादव आदि मौजूद थे।

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