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सिकन्दराराऊ : प्रख्यात कवि स्व. श्री कुँवरपाल शर्मा कुंवर जी के 76वें जन्म दिवस पर एक विराट कवि सम्मेलन का आयोजन सीपीएस गर्ल्स डिग्री कॉलेज में किया गया। जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त अध्यापक एवं समाजसेवी डॉ. शरीफ अली ने की। संचालन देवेंद्र दीक्षित शूल ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में अधिवक्ता युवराज सिंह, महेश यादव संघर्षी, हरपाल सिंह यादव, मीरा माहेश्वरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां शारदे एवं स्व. कुँवरपाल शर्मा के छविचित्र पर दीप प्रज्वलित करके किया।
सरस्वती वंदना मेंडू से पधारी कवयित्री स्नेहा शर्मा ने की। कवि सम्मेलन में खैर से पधारे कवि भुवनेश चौहान चिंतन ने पढ़ा -गुटर गुटर गूं मीनारों पर लगे कबूतर गाने ।
कमरों के कौने में बुनती ताने बाने ।
एटा के गीतकार राजेश जैन ने पढ़ा रात भर के लिए जहां भी रख दिए ।
मौंन हो कर जलते रहे मांटी के दिये।
मुरसान के ख्याति प्राप्त हास्यकवि सबरस मुरसानी ने पढ़ा- ऊंचा है हिंदी गगन से ।जोशीला पवन अंगन से ।
मत उलझनों मेरे वतन से ।
अलीगढ़ से पधारे मशहूर ब्रजभाषा के कवि नरेंद्र शर्मा नरेंद्र ने यूं पढ़ा –
मिलें खुशियां जमाने की कभी मगरूर मत होना ।
बुढ़ापे में कभी माता पिता से दूर मत होना ।
तुम्हारे वास्ते गिरवी रखी है जिंदगी उनकी ।
अकेले छोड़ जाने को कभी मजबूर मत होना ।
एटा से पधारे महेश मंजुलने पढ़ा- जानवर के काम जब से आदमी करने लगा ।
आदमी को देख आदमी डरने लगा ।
आयोजक प्रमोद विषधर ने पढ़ा- विषधर हरि की सेज है विषधर हर का हार ।
विषधर सिर मोहन ने यूं पूजे संसार
अलीगढ़ से पधारे कवि ललित कुमार ललित ने पढ़ा -मन करता है इस धरती पर लूं फिर से शत वार जन्म ।
फांसी का फंदा मैं चूमूं कह कर वंदेमातरम ।
अभय सिंह अभय ने कहा नारी आरती है हर कोई गाता है ।
पुरुष घंटा है हर कोई बजाता है ।
अपनी शानदार पंक्तियों से श्रोताओं का दिल जीता।
सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार देवेन्द्र दीक्षित शूल ने पढ़ा- मुफ्त का राशन है भरपूर।
खा पीकर के रेलें फूंक।
और लगा सड़कों पर जाम।उसके भी मिलते हैं दाम।
प्रमुख रूप से अंजली शर्मा, तान्या शर्मा, मीरा माहेश्वरी,शालिनी गर्ग, कुमुद कांत गर्ग, विवेकशील राघव, छोटे लाल शर्मा ,राजेन्द्र शर्मा , एवं साहित्यकार कवि सामिल हुए |

vinay

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