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जमुई(बिहार) : जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की मूर्ति की स्थापना जमुई जिले के खैरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कुंड ग्राम जन्मस्थान में धूमधाम के साथ जैन धर्मावलंबियों के द्वारा स्थापित किया गया।उक्त स्थान पर भगवान महावीर की मूर्ति की स्थापना उनके भाई नन्दिवर्धन के द्वारा कराया गया था। जैन धर्मावलंबियों के बिशेष आग्रह पर भगवान महावीर के मूर्ति की पुनः स्थापना कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आमंत्रित किया गया।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे विधि विधान के साथ मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की तथा जैन धर्म के मुख्य प्रचारक से जाकर आशीर्वाद भी लिया।भगवान महावीर की मूर्ति स्थापना के कार्यक्रम में पूरे भक्ति भाव से देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में जैन धर्मावलंबि नर नारी शामिल होने के लिए आये हुए हैं।

विदित हो कि पहाड़ों से घिरे उक्त कुंडग्राम जन्मस्थान मंदिर से 27 नवम्बर 2015 को भगवान महावीर की मूर्ति चोरी हो गई थी।मूर्ति चोरी की घटना के बाद सूबे बिहार से लेकर केंद्र की संसद तक गूंज उठने लगी थी। बिहार सरकार ने सीबीआई को भी मामला सौंप दिया था।तत्पश्चात उक्त मूर्ति की बरामदगी जमुई जिले के सिकन्दरा थाना क्षेत्र से 6दिसंबर2015 को हुई थी। मूर्ति के बाद बिहार सरकार ने भगवान महावीर के जन्मोत्सव के दिन लछुआड़ महोत्सव मनाए जाने की घोषणा की गई थी।तब से लगातार कला संस्कृति विभाग की ओर से लछुआड़ महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री बिहार सरकार ने कार्यक्रम के उपरांत प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि इस जगह की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए ऐसे सफल आयोजन में शामिल होने का मौका मिला है ।इस कार्यक्रम के बाद से भगवान महावीर के दर्शन का अवसर सभी लोगों को मिलेगा। इस क्षेत्र को विकसित करते हुए यहां पर पैदल मार्ग के लिए सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आदेश दिया गया है।साथ ही इस स्थान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक स्थाई ओपी केंद्र की स्थापना यहाँ की गई है। यहां आने के बाद यह पता चला है कि पूर्व में भगवान महावीर की राजधानी रही थी । इस स्थान की खुदाई के दौरान मिले ईंट से प्रमाणिकता को देखते हुए बिहार के म्यूजियम के अधिकारी को तथा आर के लॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को भी इस संबंध में सूचित किया जाएगा।जैन मंदिर के निर्माण के बाद पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए धर्मशाला निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराया जाएगा। लोगों को इस अवसर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा पूरे देश के जैन धर्मावलंबियों के लिए यह स्थल धार्मिक ऐतिहासिक तथा पौराणिक स्थल है इसलिए सबके मन मे इसके प्रति समान भाव होना चाहिए।

रिपोर्ट : प्रशांत किशोर

 

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