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खगड़िया में कड़ाके के ठंड के बीच गरीब लोग सड़क किनारे फुटपाथ पर सोने को मजबूर है रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सदर अस्पताल के फुटपाथ पर ठंड में ठिठुरते लोग सहारे की आस में ठोकर खा रहे हैं, सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर है खुद को गर्म करने के लिए लकड़ीयॉ  जलाते हैं तो  कभी फटे पुराने कपड़ों से तन ढक कर सर्दी को दूर भगाने की कोशिश करते हैं रेलवे स्टेशन(खगड़िया) की कुछ बातें ऐसी थी यहां रात बिताने वाले भी कम नहीं थे ना तो सिर पर कोई छत थी न ही नीचे बिछाने के लिए मोटे कपड़े ,इसके बावजूद यहां किसी तरह ठंड बचने की कोशिश में थे, खगड़िया शहर के अंदर किसी भी स्थल पर रैन बसेरे की बोर्ड आदि नहीं लगे, बीती रात जब tv30 इंडिया की टीम  ने शहर के विभिन्न स्थानों का दौरा किया तो  इस ठंड में कई गरीब बेसहारा लोगों को सड़कों के किनारे खुले आकाश तले हुए पाया गया ना उनलोगों के पास न तो बिछाने के लिए बिछावन  बना थी,ना ही ओढने के लिए रजाई, सर्दी के मौसम में जहां आम घरों में पर्याप्त बिस्तर होने के बावजूद लोग सर्दी से ठिठुरते पाए जाते हैं वही खुले आकाश में बिना किसी चादर के सोने वाले की क्या हालत होती होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है ऐसे में जिला प्रशासन की उदासीनता कई सवाल पैदा करती है, लोगों का कहना है कि रैन बसेरा नहीं होने के कारण उन्हें जान हथेली पर रखकर फुटपाथ अपनी जिंदगी गुजार नहीं पड़ रही है खगड़िया शहर के आसपास आज भी खुली सड़क पर बेबस जिंदगी साफ नजर आती है

Input-SamSher Bahadur

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