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खगड़िया :- बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले आउटसोसिर्ग डाटा एंट्री ऑपरेटर का अनिश्चितकालीन हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी रहा डाटा ऑपरेटर की नियुक्ति विभिन्न कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाने हेतु किया गया था जहां प्रधानमंत्री  डिजीटल इंडिया को शत प्रतिशत आम नागरिकों हेतु शुगम बनाने का संकल्प में डाटा ऑपरेटर की अहम भूमिका है विगत 5 वर्षों से सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर राज्य स्वास्थ्य समिति के तहत संजीवनी कार्यक्रम के अंतर्गत काम करते आ रहे हैं लेकिन स्वास्थ विभाग के द्वारा अभी तक डाटा एंट्री ऑपरेटर को स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है आउटसोर्सिंग डाटा ऑपरेटर के मूल वेतन ₹११०००/ प्रति सरकार द्वारा दिया जाता है  लेकिन इन ऑपरेटरों को 8000/ ही मिलता है अपना हक मांगने के लिए इन लोगों ने कई बार धारणा एवं मांग पत्र के द्वारा अपनी समस्या से उबरने का प्रयास किया लेकिन विफल रहा अब इन लोगों के सामने यह नौबत आ चुकी है कि 5 वर्षो से अधिक कार्य करने के बावजूद इन्हें वापस कार्य छोड़कर घर बैठाने की मनसा सरकार बना चुकी है,  जिससे सभी ऑपरेटरों की रोजी-रोटी  छीन जाने का डर है इनकी बदौलत बिहार सरकार स्वास्थ्य विभाग को 2015 में अवार्ड मिला था

१.पूर्व से कार्यरत आउटसोसिर्ग एजेंसी के माध्यम से डाटा एंट्री ऑपरेटर को बिना किसी शर्त के उनके अनुभव के आधार पर जिला स्वास्थ्य समिति या राज्य स्वास्थ्य समिति में समायोजित किया जाय,
२. डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवा ६०साल बरकरार रखा जाए
३.सर्वोच्च न्यायालय के फैसले तथा संविधान में प्रतिपादित नियमों के अनुरूप समान कार्य के बदले समान वेतन के सिद्धांत के अनुरूप अनुरूप डाटा एंट्री ऑपरेटर्स को आशुलिपि के वेतनमान एवं सुविधा को लागू किया जाए
४. ठेका उन्मूलन अधिनियम 1970 के तहत स्थाई प्रवृत्ति के विभाग एवं स्थाई प्रवृत्ति के कार्य होने के कारण सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर को घोषित किया जाए ५.आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर के बकाए वेतन के भुगतान अविलंब किया जाए
input-SamSher Bahadur

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