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हाथरस । दिनांक 30 दिसंबर 2025 (मंगलवार) को अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक मुख्य विकास अधिकारी  पी.एन. दीक्षित  की अध्यक्षता में मुख्य विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक का संचालन जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी डॉ. रेखा मिश्रा द्वारा किया गया।
बैठक में जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी वीरेंद्र कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी सत्येंद्र कुमार मिश्रा, युवराज सिंह, रोहित सिंह (ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस), संदीप कुमार सक्सेना (ईओ नगर पालिका परिषद सिकंदराराऊ), डीआरएम एनआईसी लोकेंद्र कुमार शर्मा, संजय जी, समिति के सदस्य, फेडरेशन व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री लोकेश अग्रवाल, अपर सांख्यिकी अधिकारी मसरूर अहमद, संजय कुमार, प्रदूषण विभाग से अमित सक्सेना व प्रकाश चंद, तथा ASUSE से उत्कर्ष आर्य, आशुतोष उपाध्याय, धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करना है। इसके अंतर्गत बिना निर्माण सेवाओं, अन्य सेवा क्षेत्रों एवं बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) को बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उद्योग एवं व्यापार परिसरों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करने हेतु यह सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिससे सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी। यह सर्वेक्षण रोजगार सृजन बढ़ाने, बेरोजगारी कम करने तथा असंगठित क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस सर्वेक्षण के अंतर्गत कंपनी अधिनियम 1956 एवं 1913 के अंतर्गत पंजीकृत न होने वाली बिना निर्माण व्यापार एवं सेवा इकाइयों का डाटा एकत्रित किया जाएगा। सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग राज्य एवं जिला घरेलू उत्पाद (GSDP/DGDP) जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों की गणना तथा असंगठित क्षेत्र के अनुरूप नीति निर्धारण में किया जाएगा।
पीएलएफएस (PLFS) सर्वेक्षण का संपादन प्रकाश चंद एवं अमित सक्सेना द्वारा किया जा रहा है। यह समयबद्ध सर्वेक्षण है, जिसमें देवकांत त्यागी एवं संजय कुमार द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

पीपी मॉडल के आधार पर एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को विभिन्न क्षेत्रों के सर्वेक्षण का अधिकार दिया गया है।
जनपद की समस्त छोटी-बड़ी औद्योगिक एवं व्यापारिक इकाइयों का सर्वे संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रारंभ कर दिया गया है, जिसमें परिसर संरचना, जीएसटी, श्रम विभाग, प्रदूषण विभाग, मंडी, पंजीकरण एवं अन्य संबंधित दस्तावेजों का डिजिटल डाटा एकत्र कर राज्य सरकार को प्रेषित किया जाएगा।
बैठक में सभी उद्योगपतियों एवं व्यापारियों से अपील की गई कि वे उत्तर प्रदेश सरकार के इस विशेष अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान कर राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। असंगठित क्षेत्र के अंतर्गत हार्ड वर्क, सर्विस वर्क, अर्बन एवं रूरल इकाइयों का सर्वे कर सरकार को भेजा जाएगा, जिससे उनके समुचित विकास हेतु आवश्यक सहायता प्रदान की जा सकेगी।