Visitors have accessed this post 39 times.

हाथरस। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में गौ सेवा को मूल आधार बताते हुए कथा व्यास ने कहा कि जब तक गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं दिया जाएगा, तब तक यह संकल्प पूर्ण नहीं हो सकता। यह विचार बलकेश्वर महादेव सरक्यूलर रोड स्थित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस पर व्यक्त किए गए।
द्वितीय दिवस की कथा में जगतगुरु द्वाराचार्य अग्रपीठाधीश्वर मलूक पीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्र दास जी महाराज के परम स्नेही शिष्य, कथा व्यास रसराज दास जी महाराज ने अपने श्रीमुख से अमृतवाणी की वर्षा की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ, लेकिन उनकी बाल लीलाओं की भूमि गोकुल रही, जहाँ उन्होंने दुष्टों का संहार कर धर्म की स्थापना की।
कथा व्यास ने धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि धर्म और अधर्म व्यक्ति के कर्मों पर निर्भर करता है। एक व्यक्ति गौ रक्षा के लिए शस्त्र उठाता है, जबकि दूसरा गौ हत्या के लिए। सनातन संस्कृति केवल गौ पालन ही नहीं, बल्कि समस्त जीवों के संरक्षण और उनके जीवन को बढ़ाने का संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है कि समाज घर-परिवार की सीमाओं से बाहर निकलकर गौ माता की सेवा के लिए आगे आए। विशेष रूप से मातृशक्ति से आह्वान किया गया कि वे गौ सेवा का संकल्प लें और समाज में प्रचार-प्रसार कर लोगों को गौ सेवा के लिए प्रेरित करें। जब मातृशक्ति इस संकल्प के साथ आगे आएगी, तब यह उद्देश्य शीघ्र ही पूर्ण होगा।
आयोजकों ने जानकारी दी कि तृतीय दिवस की कथा कल दोपहर 1:00 बजे से प्रारंभ होकर हरि इच्छा तक चलेगी।
कथा आयोजन की व्यवस्थाओं में प्रेमचंद वर्मा, किशोरीरमन वर्मा, प्रवीन वार्ष्णेय, राधारमण वर्मा, राजू लाला, ओमप्रकाश वर्मा, नरेश वर्मा, कमल वर्मा, ओमप्रकाश बागड़ी, रमेश कूलवाल, मदन लाल वर्मा, पप्पन वर्मा, राजू वर्मा, राजकुमार वर्मा, महेश वर्मा, दिलीप वर्मा, बिंटू वर्मा, श्रीनाथ, अमित, बिपिन, विशाल, तरुण, अंकित, अरुण, गोपाल, राम वर्मा, टिंकू वर्मा, योगेश वर्मा, दाऊजी वर्मा, सचिन वर्मा, दाऊदयाल वर्मा, कृष्णा, बिपिन कांत, मनोज वार्ष्णेय, प्रवीण वार्ष्णेय सहित अनेक श्रद्धालु एवं सेवाभावी लोग उपस्थित रहे।