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सिकंदराराऊ : एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में कार्यरत पंडित आशीष शर्मा के तिलक पर की गई टिप्पणी को लेकर चला विवाद अब खत्म हो गया है। राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी द्वारा धरने के ऐलान के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और करीब 5 महीने बाद पीड़ित को न्याय मिला। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपित कर्मी समीर मुर्सिल का जेएन मेडिकल कॉलेज से ट्रांसफर कर वित्त विभाग में कर दिया है। साथ ही आरोपित से लिखित माफी भी दिलाई गई। कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय परिसर और अन्य स्थानों पर मिष्ठान वितरण कर खुशी मनाई गई। मौके पर विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर और सिविल लाइन थाना पुलिस मौजूद रही। राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी ने 7 जनवरी को कुलपति, जिलाधिकारी और एसएसपी अलीगढ़ को पत्र भेजकर चेतावनी दी थी कि यदि 7 दिन में न्याय नहीं मिला तो विश्वविद्यालय गेट पर धरना दिया जाएगा। इस धरने को करणी सेना समेत कई हिंदू संगठनों और संतों का समर्थन भी मिला था। दबाव बढ़ने पर शनिवार को प्रशासन ने आरोपित का स्थानांतरण आदेश जारी किया।
INPUT – VINAY CHATURVEDI











