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नई दिल्ली : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते फर्जी अकाउंट्स, साइबर ठगी और ऑनलाइन अफवाहों पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक विस्तृत सुझाव पत्र भेजा गया है। पत्र में सोशल मीडिया अकाउंट्स का आधार आधारित सत्यापन (वेरिफिकेशन) लागू करने सहित कई सुझाव दिए गए हैं। सुझाव पत्र में कहा गया है कि वर्तमान समय में एक व्यक्ति कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर अफवाह फैलाने, साइबर अपराध, महिलाओं के उत्पीड़न और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देता है। ऐसे मामलों में आरोपियों की पहचान करना और उन्हें ट्रेस करना जांच एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पत्र में सुझाव दिया गया है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर), यूट्यूब और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नया अकाउंट बनाते समय आधार आधारित OTP सत्यापन की व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही एक आधार से सीमित संख्या में अकाउंट बनाने की अनुमति देने, फर्जी प्रोफाइल की पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करने और शिकायतों पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के अकाउंट को अभिभावकों के सत्यापन से जोड़ने, राजनीतिक विज्ञापनों में खर्च करने वाले की जानकारी सार्वजनिक करने, डेटा सुरक्षा को मजबूत करने तथा उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता बनाए रखने जैसे सुझाव भी शामिल किए गए हैं। पत्र में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सोशल मीडिया अकाउंट वेरिफिकेशन संबंधी आवश्यक कानूनी व्यवस्था पर विचार किया जाए। हालांकि, यह एक सुझाव है और इस संबंध में सरकार की ओर से किसी नए कानून या नीति की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

INPUT – AMIT SHARMA