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हाथरस : बाल भिक्षावृत्ति और बालश्रम की रोकथाम के लिए पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान अलग-अलग दुकानों से तीन बच्चों को रेस्क्यू कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। वहीं, बालश्रम से जुड़े मामले में तीन दुकान मालिकों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। थाना एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) की टीम ने श्रम प्रवर्तन विभाग के साथ मिलकर थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई की।
इन इलाकों में चलाया गया अभियान
प्रभारी निरीक्षक रवि भूषण शर्मा के नेतृत्व में पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने सासनी गेट चौराहा, कमला बाजार, रामलीला ग्राउंड और मेंडू रोड समेत आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण किया। अभियान के दौरान अलग-अलग दुकानों पर काम कर रहे तीन बच्चों को रेस्क्यू किया गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
तीन दुकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई

अभियान के दौरान बालश्रम से संबंधित मामलों में तीन दुकान मालिकों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में श्रम प्रवर्तन अधिकारी सतेंद्र कुमार मिश्रा भी मौजूद रहे। पुलिस और श्रम विभाग की टीम ने दुकानदारों तथा आम लोगों को बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया।
हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
संयुक्त टीम ने लोगों से बच्चों को बालश्रम और भिक्षावृत्ति में धकेलने से रोकने तथा ऐसे मामलों की जानकारी संबंधित विभागों को देने की अपील की। इस दौरान शासन द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की गई।
- 1090: महिला पावर हेल्पलाइन
- 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
- 1076: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, उत्तर प्रदेश
- 112: आपातकालीन पुलिस सहायता
- 1930: साइबर अपराध हेल्पलाइन
पुलिस और श्रम विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों को बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति से बचाना तथा उनके अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है।

INPUT – RAHUL SHARMA











