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नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भारत को गुलामी से मुक्त कराने के लिए जो हुंकार भरी थी, उसका मूलमंत्र स्वदेशी और स्वावलंबन था और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला भी स्वदेशी और स्वावलंबन है।
शनिवार को यह बातें स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठक कश्मीरी लाल ने विद्यापीठ इंटर कालेज सासनी में दस्तकारों और शिल्पकारों और हुनरमंद कारीगरों के प्रति प्रोत्साहितता को बढावा देने के हेतु सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए कहीं उन्होंने कहा अब प्रति व्यक्ति आमदनी बढ़ी है, उन्होनंे कहा कि हुनरमदों की दस्तकारी को मान्यता दिलाने का कार्य किया गया है। जब ऐसे ही प्रोत्साहन से ताकत बढ़ती है तो आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना साकार होती है। उन्होंने कहा कि देश के हर राज्य में हुनर की शानदार विरासत है। यह विरासत लुप्त हो रही थी और जो मौका मिलना चाहिए नहीं मिला। अब इस मौके को हाथ से नहीं जाने दिया जाएगा। प्रत्येक कामगार हुनरमंद को प्रोत्साहित कर उसकी ताकत को बढावा दिया जाएगा। इस दौरान स्वदेशी जागरण मंच अमितेश अमित प्रान्त संयोजक, डॉ राजीव अग्रवाल, प्रान्त संपर्क प्रमुख, रजनीश राघव, जिला संजोयक, रमा देवी, विपुल लुहाडिया, संजय यादव आदि मौजूद थे।

INPUT – Avin Sharma

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