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हाथरस : व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार के लिए भी कार्य कर रही है
कोरोना की दूसरी लहर मे जहाँ लोग अपने परिजनों का साथ छोड़ रहे हैं ऐसी भीषण परिस्थिति में भी यह कोरोना योद्धा अपने आप को समर्पित किए हुए हैं
अज्ञात शव का दाह संस्कार एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में किया गया जिसके दाहसंस्कार की व्यवस्था मे सुनील अग्रवाल अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान पूर्णरूपेण सहयोग रहा
एक अज्ञात व्यक्ति बागला जिला अस्पताल में इलाजरत था जिसकी उम्र लगभग 32 वर्ष थी जिसकी 31 मई को मृत्यु हो गई बताते है कि 30 मई को मुंशी गजाधर सिंह मार्ग पर यह युवक अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था जिसको मोहल्ले के लोगों ने बागला जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती करा दिया था
दाहिने हाथ पर युवक के हाथ पर राकेश पत्नी का नाम कुसुम लिखा हुआ था और हनुमान जी का चित्र बना हुआ था
कोतवाली हाथरस गेट पुलिस द्वारा शव को शिनाख्त के लिए पोस्टमार्टम हाउस में 72 घंटे के लिए रखा गया शिनाख्त न होने के कारण शव को लावारिस घोषित कर अंतिम संस्कार के लिए समाजसेवी सुनीत आर्य ,एडीएचआर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय से संपर्क किया, समाजसेवियों द्वारा उक्त अज्ञात शव का पत्थर वाली श्मशान गृह पर पूर्णता हिंदू रीति रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया । अंतिम संस्कार करने वालों में निस्वार्थ सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल,एडीएचआर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय, सुनीत आर्य,उपनिरीक्षक मोहित कनकन, कांस्टेबल आशीष राजौरिया,होमगार्ड निहाल सिंह आदि उपस्थित रहे ।

INPUT : राजदीप तोमर

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