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कृषि विज्ञान केंद्र हाथरस के अंतर्गत डेयरी फार्मिंग एवं पशुधन प्रबंध विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 से 9 मार्च तक ग्राम रति का नगला में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पशुपालन द्वारा किसानों की क्षमता में वृद्धि के उद्देश्य से भारत सरकार के डेयरी एवं मत्स्य विभाग नई दिल्ली तथा अटारी कानपुर द्वारा वित्त पोषण से चलाया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उदघाटन केन्द्र के अध्यक्ष डॉ ए. के. सिंह ने किया।
डॉ सिंह ने किसानों को बकरी पालन अपनाने पर जोर दिया तथा बकरी पालन द्वारा आय आसानी से और कम लागत में बढ़ाई जा सकती हैं।
इस कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ सुधीर कुमार रावत ने किसानों को पशुपालन द्वारा कैसे आय दुगनी की जाए ,इस विषय में विस्तार से बताया तथा बकरी तथा भेड़ पालन की अच्छी नस्ल, उनके आहार, तथा रोग के विषय मे विस्तार से बताया। प्रशिक्षण में पशुओ के आहार, पोषक तत्व, हरा चारा, साइलेज प्रबंधन तथा पशुओ के रोग के विषय मे विस्तार से बताया।
वैज्ञानिक डॉ पुष्पा ने बकरी पालन अपनाकर कृषक महिला अपनी आय में बढ़ोत्तरी कर सकती हैं तथा बकरी के दूध की महत्ता और इसके पोषक मूल्य के बारे में अवगत कराया।
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ कमलकांत ने बकरियों के उचित रखरखाव तथा आवास निर्माण के साथ साथ आय व्यय के बारे में बताया।
इस कार्यक्रम में पशुपालन से संबंधित विभिन्न फोल्डर तथा बकरी भेड़ पालन पुस्तक का विमोचन किया गया तथा किसानों को मुफ्त में वितरित भी की गई।
प्रशिक्षण के अंत में सभी किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। प्रशिक्षण में लगभग 40 किसानों ने भागीदारी की।जिसमें ग्राम रति नगला के पूरन सिंह, नेत्रपाल, वीरेंद्र पाल, सपना बघेल, प्रियंका आदि ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

 INPUT- Vinay Chathurvedi

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