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सिकंदराराऊ : चंद फर्जी एवं बोगस फर्मों को रोकने के चक्कर में जीएसटी विभाग के अधिकारी निरंकुश होकर सर्वे छापे कर व्यापारीयों मे दहशत फैलाने का कार्य कर रहे हैं जब कोई व्यापारी अपनी फर्म का रजिस्ट्रसन कराने जाता है तो उससे तमाम दस्तावेज ओनलाइन अपलोड कराये जाते हैं जिसकी स्कूटनी अधिकारीयों द्वारा की जाती है। उसके बाद ही रजिस्ट्रेसन जारी होता है । कई बार कागज पूर्ण न होने पर पोर्टल द्वारा पुनः स्पष्टीकरण मांगा जाता है। उसके बाद भी यदि फर्म बोगस निकलती है तो विभाग जिम्मेदार है या कहीं ना कहीं दाल में काला है जो व्यापारी देश को सबसे ज्यादा टैक्स देकर सरकारों को चलाने का कार्य करता है। सरकार भी सबसे ज्यादा उसी व्यापारी का उत्पीड़न करने का कार्य करती है। यदि सीमा का रक्षक फौजी है तो देश की अर्थ व्यवस्था का रक्षक व्यापारी है।
उक्त बातें अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष एवं आगरा मंडल प्रभारी संजीव महाजन ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही । उन्होंने कहा है कि विभाग द्वारा 16 मई से जांच सर्वे आदि के नाम पर व्यापारी भाईयों का उत्पीड़न करना गलत बात है । अभी कुछ समय पहले ही विभाग द्वारा सर्वे छापे किये गए थे। इस मंहगाई के दौर में कोरोना काल के बाद से वैसे ही व्यापार घट रहा है और व्यापारी परेशान है ।
महाजन ने जी. एस टी. विभाग की कार्यशैली पर रोष व्यक्त करते हुए देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से मांग की है कि या तो विभाग अविलंब इस कार्यवाही को रोके अन्यथा अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल पूरे देश में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देने का कार्य करेगा।

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