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हाथरस। नगर पालिका परिषद हाथरस में सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्वेता चौधरी ने नगर की सफाई व्यवस्था के निरीक्षण हेतु एक स्वतंत्र कमेटी गठित किए जाने की मांग करते हुए जनपद के जिलाधिकारी अतुल वत्स को एक विस्तृत पत्र प्रेषित किया है।
पत्र में अध्यक्ष द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नगर की जनता को पेयजल, पथ प्रकाश एवं साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका परिषद हाथरस का मूल दायित्व है, जिसकी प्रत्यक्ष जिम्मेदारी अधिशासी अधिकारी पर है। इसके बावजूद नगर की सफाई व्यवस्था में लगातार लापरवाही सामने आ रही है।
अध्यक्ष ने अवगत कराया कि वर्तमान में नगर के 10 वार्डों में नियमित सफाई स्टाफ के माध्यम से तथा 25 वार्डों में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से सफाई कार्य कराया जा रहा है। इसके बावजूद कई वार्डों में गंदगी की स्थिति बनी हुई है। शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ नियमित सफाई कर्मचारी स्वयं कार्य न कर अपने स्थान पर एवजदार रखकर आधा-अधूरा कार्य करा रहे हैं, जो नगर पालिका सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि विगत डेढ़ वर्षों से अधिशासी अधिकारी को कई बार सफाई व्यवस्था के औचक निरीक्षण एवं लापरवाह कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन इन आदेशों की लगातार अनदेखी की गई। इसी उदासीनता के कारण सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजरों में अनुशासनहीनता बढ़ी है और नगर के अधिकांश क्षेत्रों में गंदगी देखने को मिल रही है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने जिलाधिकारी से मांग की है कि नगर की सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए एक प्रभावी निरीक्षण समिति गठित की जाए, ताकि दोषी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो सके और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।









