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हाथरस : दून पब्लिक स्कूल, हाथरस की विशेष प्रातःकालीन सभा का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य जे० के० अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में “प्रधानाचार्य दिवस”, “बुद्ध पूर्णिमा” एवं “मजदूर दिवस” का संयुक्त आयोजन किया गया, जिसने सभी उपस्थित जनों के मन को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय चिरंजीव नाथ सिन्हा (आईपीएस), पुलिस अधीक्षक, हाथरस की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्त्व प्रदान किया।
सभा का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं प्रधानाचार्य द्वारा माँ शारदे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ किया गया।
तदुपरांत प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि महोदय का प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत-सत्कार किया।
सभा में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। सरस्वती वंदना से प्रारंभ हुई प्रस्तुतियों में छात्रा भूमिका ने “बुद्ध पूर्णिमा” पर एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की, वहीं छात्रा यशिका राणा ने “प्रधानाचार्य दिवस” के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्रा आस्था पाठक ने “मजदूर दिवस” के उपलक्ष्य में एक प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत कर श्रम की गरिमा को उजागर किया।
इसके अतिरिक्त नृत्य-नाटिका के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रधानाचार्य की दैनिक कार्यशैली का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी को प्रभावित किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय चिरंजीवी नाथ सिन्हा (आईपीएस) पुलिस अधीक्षक, हाथरस ने अपने संबोधन में कहा कि दून स्कूल के विद्यार्थियों का अनुशासन उच्च स्तर का है, मेरे कार्यकाल में अन्य स्कूलों और कॉलेज के विषय में मुझे शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं, परंतु आज तक दून स्कूल के विद्यार्थियों की किसी भी तरह की कोई शिकायत मुझे प्राप्त नहीं हुई है। अतः मैं कह सकता हूं कि दून विद्यालय का अनुशासन उत्कृष्ट स्तर का है।

इस अवसर पर विद्यालय प्रधानाचार्य ने शिक्षिकाओं- सुश्री रीटा शर्मा, सुश्री नीलम रावत, सुश्री मेदिनी कौशिक, सुश्री गरिमा राठी, सुश्री छाया मिश्रा, सुश्री रजनी अरोरा, सुश्री अवंतिका अवध राय एवं सुश्री वर्षा माहेश्वरी को उनके समर्पण, अनुशासन एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की एक विशेष झलक तब देखने को मिली जब विद्यालय के प्रत्येक विभाग की ओर से छात्रों एवं शिक्षकों ने प्रधानाचार्य के लिए भावनाओं से भरे शुभकामना कार्ड भेंट किए। वहीं प्रधानाचार्य ने विद्यालय के कर्मठ सहयोगी कर्मचारियों (दीदी एवं भैया) को सम्मान स्वरूप उपहार प्रदान कर उनके श्रम और समर्पण को सराहा।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए अत्यंत विशेष और प्रेरणादायक है। ‘प्रधानाचार्य दिवस’, ‘बुद्ध पूर्णिमा’ और ‘मजदूर दिवस’—ये तीनों अवसर हमें जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों की सीख देते हैं।
प्रधानाचार्य दिवस हमें नेतृत्व, अनुशासन और जिम्मेदारी का बोध कराता है। एक प्रधानाचार्य केवल विद्यालय का संचालक नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक, प्रेरक और भविष्य का निर्माता होता है।‘बुद्ध पूर्णिमा’ हमें शांति, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। भगवान बुद्ध का जीवन हमें सिखाता है कि संयम और सदाचार ही सच्ची सफलता का मार्ग हैं।
वहीं ‘मजदूर दिवस’ हमें यह याद दिलाता है कि किसी भी समाज और संस्था की वास्तविक शक्ति उसके कर्मठ श्रमिक होते हैं। उनका परिश्रम ही हमारे जीवन को सुगम और व्यवस्थित बनाता है। हमें सदैव उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करना चाहिए।मैं अपने सभी विद्यार्थियों से कहना चाहता हूँ कि आप न केवल शिक्षा में उत्कृष्ट बनें, बल्कि एक अच्छे इंसान भी बनें—जो अपने माता-पिता, गुरुओं और समाज के प्रत्येक वर्ग का सम्मान करना जानते हों।हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि हम सदैव मेहनत, ईमानदारी और सकारात्मकता के मार्ग पर चलेंगे तथा अपने विद्यालय और समाज का नाम रोशन करेंगे।
सभा के अंत में प्रधानाचार्य ने सभी को “बुद्ध पूर्णिमा” एवं “मजदूर दिवस” की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए विद्यार्थियों को अपने माता-पिता एवं श्रमिक वर्ग के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का संदेश दिया।
सभा का संचालन छात्रा अवनी सिंह एवं आस्था उपाध्याय ने किया।