Visitors have accessed this post 19 times.
सासनी। कांग्रेस नेता विवेक उपाध्याय ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें बिना किसी वैधानिक आधार और बिना किसी लिखित आदेश के उनके ही घर में रातभर रोके रखा गया। उन्होंने कहा कि बुधवार रात लगभग 10 बजे से पुलिसकर्मी उनके घर पर मौजूद रहे, लेकिन उनके पास कोई आधिकारिक पत्र, नोटिस या कार्रवाई का स्पष्ट कारण नहीं था।
विवेक उपाध्याय के अनुसार उन्होंने स्वयं सासनी कोतवाली प्रभारी विपिन चौधरी से फोन पर बातचीत कर पूछा कि आखिर उन्हें किस आधार पर रोका जा रहा है। इस पर पुलिस की ओर से केवल इतना कहा गया कि “नॉर्मल तरीके से मिलने” के लिए पुलिस भेजी गई है। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि यह सामान्य मुलाकात थी तो फिर पूरी रात पुलिस बल का उनके घर पर मौजूद रहना किस बात का संकेत है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज उठाना अपराध नहीं हो सकता। जनता के मुद्दों — बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, प्रदूषण, किसानों और युवाओं की समस्याओं — को लगातार उठाने के कारण प्रशासन और सत्ता पक्ष असहज हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं पर मानसिक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
विवेक उपाध्याय ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाने का हर प्रयास जनता खुद विफल करेगी। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि प्रदेश में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
कांग्रेस नेता ने प्रशासन से मांग की कि यदि उनके खिलाफ कोई आदेश या कार्रवाई का आधार है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। साथ ही उन्होंने इस प्रकार की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए तत्काल बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संविधान से चलता है, डर और दबाव से नहीं।









