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हाथरस। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत हाथरस इकाई द्वारा सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विभिन्न उत्पादों पर अंकित अधिकतम विक्रय मूल्य (MRP) में हो रही अनियमितताओं एवं उपभोक्ताओं के आर्थिक शोषण के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय वित्त मंत्री एवं वाणिज्य मंत्री को प्रेषित किया गया।
संगठन ने मांग उठाई कि केंद्र सरकार एवं संबंधित मंत्रालय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कठोर एवं प्रभावी कानून लागू करें, ताकि उत्पादों पर अंकित MRP तर्कसंगत एवं न्यायसंगत निर्धारित की जा सके। संगठन का आरोप है कि वर्तमान समय में कई कंपनियां उत्पादों की वास्तविक लागत से 100 से 300 गुना तक अधिक MRP अंकित कर उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण कर रही हैं।
ज्ञापन में उदाहरण देते हुए बताया गया कि मेडिकल में उपयोग होने वाले ड्रिप सेट पर लगभग ₹267 तक MRP अंकित होती है, जबकि वही उत्पाद बाजार में ₹70 तक उपलब्ध हो जाता है। इसी प्रकार लगभग 100 पृष्ठों की पाठ्य पुस्तक अभिभावकों को ₹350 तक में बेची जा रही है, जबकि उसकी वास्तविक लागत काफी कम होती है। दवाइयों में भी भारी छूट मिलने के उदाहरण देकर संगठन ने MRP निर्धारण प्रक्रिया पर सवाल उठाए। 
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने बताया कि उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए मई 2026 में राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत देशभर में जिलाधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन भेजे जा रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए जनजागरण अभियान भी संचालित किया जा रहा है।
संगठन ने जानकारी दी कि आगामी 25 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित Jantar Mantar पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से कार्यकर्ता एवं उपभोक्ता भाग लेंगे। साथ ही आमजन से इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील भी की गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में बृज प्रांतीय संगठन मंत्री राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एडवोकेट, प्रांत रोजगार सृजन प्रमुख अनूप अग्रवाल उदय, जिलाध्यक्ष मनोज बूटियां, जिला सचिव लोकेश अग्रवाल दाल वाले, जिला कोषाध्यक्ष मनोज वर्मा, नगर अध्यक्ष राम अग्रवाल एवं नगर सचिव श्याम अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।









