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हाथरस : व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्यरत एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (ADHR) द्वारा अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार की पहल की जा रही है। इसी क्रम में सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र में मिले एक अज्ञात युवक के शव का समाजसेवियों की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज से दाह संस्कार कराया गया। जानकारी के अनुसार, 20-21 सितंबर की रात सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र में हाईवे पर महामाई सलावत नगर के नजदीक करीब 27 वर्षीय युवक का शव मिला था। पुलिस के अनुसार, शव सड़क दुर्घटना में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस ने शव के अवशेषों को एकत्र कर पोस्टमार्टम हाउस में पहचान के लिए सुरक्षित रखवाया। पुलिस द्वारा शव की शिनाख्त के लिए निर्धारित अवधि तक प्रयास किए गए, लेकिन पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई और अंतिम संस्कार के लिए समाजसेवियों से सहयोग का अनुरोध किया। पुलिस के अनुरोध पर समाजसेवी सुनीत आर्य और प्रवीन वार्ष्णेय ने ADHR की देखरेख में अज्ञात शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। दाह संस्कार की व्यवस्थाओं में NSS अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का भी सहयोग रहा। शव का हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय, समाजसेवी सुनीत आर्य, NSS अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, दीपक, बंटी भाई कपड़े वाले, तरुण राघव, नीरज गोयल, कांस्टेबल चिंत ज्वाला सिंह और होमगार्ड विपिन कुमार मौजूद रहे। ADHR की इस पहल के माध्यम से संस्था द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि पहचान न हो पाने वाले शवों को भी सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार मिल सके।

INPUT – AMIT SHARMA